ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्रा ने बताए सरल तांत्रिक एवं धार्मिक उपाय
लखनऊ : होली का पर्व जहां रंग, उल्लास और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है, वहीं परंपरागत मान्यताओं के अनुसार यह तंत्र-मंत्र और विशेष साधनाओं का भी समय माना जाता है। सिद्धिविनायक ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गोमती नगर, लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्रा के अनुसार यदि कोई कठिन तांत्रिक साधना न भी करना चाहे तो कुछ सरल उपायों द्वारा नकारात्मक प्रभावों से बचाव किया जा सकता है।
होलिका पूजन और भस्म का महत्व
रक्षा और समृद्धि के लिए पारंपरिक उपाय
- होलिका पूजन कर पान, फल एवं मिष्ठान्न अर्पित करें।
- दूसरे दिन होली की भस्म का तिलक लगाएं।
- गेहूं की बाली सेंककर घर में रखने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
- होलिका की राख को घर में रखने से समृद्धि और पारिवारिक शांति बढ़ती है।
नकारात्मक प्रभावों से बचाव के उपाय
सरल घरेलू उपाय बताए गए
- खड़ा नमक, मिर्च और राई उतारकर होली में अर्पित करें।
- काले कपड़े में काले तिल बांधकर जेब में रखें और रात को होली में डाल दें।
- प्रातःकाल हींग के पानी से कुल्ला करें।
- किसी विरोधी व्यक्ति द्वारा दी गई वस्तु या खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
- सिर पर साफा या टोपी पहनें।
- पहने हुए वस्त्र या रूमाल किसी को न दें।
- अनजानी वस्तुओं को न छुएं और घर में न लाएं।
विशेष पूजा एवं मनोकामना पूर्ति के उपाय
देवी-देवताओं की आराधना से लाभ
- भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के दर्शन शुभ फलदायी माने गए हैं।
- व्यापार वृद्धि के लिए गुलाल, मोती शंख और चांदी का सिक्का लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें।
- हनुमान जी को पांच लाल पुष्प और लाल गुलाल अर्पित करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाकर मनोकामना व्यक्त करें।
बाधा निवारण और ग्रह शांति
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उपाय
- आटे का चौमुखा दीपक सरसों के तेल से जलाकर विशेष विधि से उतारें।
- गोमती चक्र को अग्नि में अर्पित कर कार्य सिद्धि की प्रार्थना करें।
- शनि, राहु और केतु दोष शांति हेतु होलिका दहन के दर्शन करें।
मंत्र साधना के उपाय
विभिन्न कामनाओं हेतु मंत्र जाप
- विपत्ति नाश, रोग शांति, जीविका, विद्या और रोजगार हेतु अलग-अलग मंत्र बताए गए हैं।
- विशेष मंत्र का 1008 बार जाप कर 108 आहुति देने का विधान बताया गया है।
- चींटियों को आटा-शक्कर-घी अर्पित करने का भी उल्लेख है।
हनुमानजी को विशेष पान अर्पण
जीवन में मिठास के लिए अनोखा उपाय
पूर्णिमा के दिन रंग खेलने से पूर्व हनुमानजी को विशेष मीठा पान अर्पित करने का विधान बताया गया है।
पान की सामग्री:
- कत्था
- गुलकंद
- सौंफ
- खोपरे का बूरा
- सुमन कतरी
(ध्यान रहे: चूना, तंबाकू और सुपारी न डालें)
पूजन के बाद प्रार्थना करें —
“हे हनुमानजी, यह मीठा पान अर्पित है, मेरे जीवन में भी मिठास भर दीजिए।”
विशेष सावधानियां
गर्भवती महिलाएं और बच्चों के लिए ध्यान
- गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- छोटे बच्चों को अनजानी वस्तुओं से दूर रखें।
राशिनुसार रंगों का प्रयोग शुभ
धुलेंडी के दिन राशिनुसार रंगों का चयन शुभ फलदायी माना गया है।
























