खाना खाते ही बाहर निकली थी मासूम, पलक झपकते ही गई जान
लखनऊ, संवाददाता : राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां घर के बाहर खेलते समय तीन साल की एक मासूम बच्ची लोहे के भारी मुख्य गेट के नीचे दब गई। गंभीर रूप से घायल बच्ची को परिजन तुरंत किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
पलक झपकते हुआ हादसा
मोहिद्दीनपुर निवासी सूरज कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी सीमा और दो बेटियां— चार वर्षीय सृष्टि और तीन वर्षीय अन्वी थीं। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह अन्वी की मां सीमा अपनी बड़ी बेटी सृष्टि को पास ही ट्यूशन छोड़ने गई थीं। घर पर पिता सूरज खाना खा रहे थे और साथ में छोटी बेटी अन्वी को भी खिला रहे थे। इसी बीच, अन्वी खेलते हुए अचानक घर के बाहर चली गई। कुछ ही सेकंड बीते थे कि बाहर से एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी।
गेट के नीचे दबी थी अन्वी
आवाज सुनते ही पिता सूरज और घर के अन्य सदस्य बदहवास होकर बाहर की तरफ दौड़े। बाहर का नजारा देख सबके होश उड़ गए; घर का भारी लोहे का गेट उखड़कर जमीन पर गिरा हुआ था और मासूम अन्वी उसके नीचे पूरी तरह दब चुकी थी। “हम सब आवाज सुनकर तुरंत बाहर भागे। लोहे का गेट अन्वी के ऊपर गिरा हुआ था। हमने तुरंत भारी गेट को हटाकर उसे बाहर निकाला और अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।” — मृतका के चाचा परिजनों ने तत्काल बच्ची को गेट के नीचे से निकाला और बिना वक्त गंवाए ट्रामा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम दम तोड़ चुकी थी।
बिना पोस्टमार्टम के किया अंतिम संस्कार
इस अचानक हुए हादसे से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के चाचा ने बताया कि बच्ची की मौत के बाद बदहवास परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, इसलिए वे शव को सीधे घर ले आए। इस दर्दनाक घटना के बाद से मोहिद्दीनपुर गांव के हर घर में चूल्हा नहीं जला है और चारों तरफ गम का माहौल है।






















