सिपाही शुभम दुबे के पिता संजय दुबे को बताया जा रहा है मुख्य साजिशकर्ता
मिर्जापुर/प्रतापगढ़,संवाददाता : उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे पुलिस महकमे में नौकरी हथियाने वाले 8 सिपाहियों को पकड़ा गया है। इन सभी पर ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित’ का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में एक महिला और सात पुरुष सिपाही शामिल हैं।
शिकायत के बाद खुली पोल
मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी 8 अभ्यर्थी मिर्जापुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में प्रतापगढ़ जनपद में सिपाही के पद पर तैनात थे। प्रतापगढ़ पुलिस को एक गोपनीय शिकायत मिली थी, जिसमें दावा किया गया था कि इन सिपाहियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित होने के दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह दावा सही पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सिपाही का पिता ही निकला ‘मास्टरमाइंड’
इस पूरे फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट का मास्टरमाइंड आरोपी सिपाही शुभम दुबे का पिता संजय दुबे है। संजय दुबे ने ही साठगांठ करके सभी आरोपियों के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे, ताकि आश्रित कोटे के तहत इन्हें आसानी से नौकरी मिल सके। इस बड़े खुलासे के बाद मिर्जापुर से लेकर प्रतापगढ़ तक के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। प्रतापगढ़ पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।























