सेहत बचाने के लिए रासायनिक खादों का इस्तेमाल तुरंत करें बंद
कानपुर, संवाददाता : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगर किसानों की कमाई बढ़ानी है, तो हमें पारंपरिक प्राकृतिक खेती को नई तकनीक के साथ जोड़ना होगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खादों और कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल बंद करें और प्राकृतिक खेती को एक बड़ा जन-आंदोलन बनाएं। इससे न सिर्फ खेती की लागत कम होगी, बल्कि लोगों की सेहत भी अच्छी रहेगी।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के कैलाश भवन में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
नवाचार से बढ़ेगी किसानों की ताकत
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि खेती को घाटे के सौदे से उबारकर लाभकारी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब हमारे किसान भाई-बहन आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचार (Invention) को अपनाएंगे, तभी उनकी आय में तेजी से बढ़ोतरी होगी। इस दिशा में प्राकृतिक खेती सबसे बड़ा और प्रभावी जरिया बन सकती है।
प्रगतिशील किसान समाज के लिए मिसाल
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खेती के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करने वाले प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया। सम्मानित किसानों की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने कहा कि आज जो किसान पारंपरिक ढर्रे से हटकर कुछ नया कर रहे हैं, वे पूरे समाज के लिए मिसाल हैं। उन्हें देखकर दूसरे किसानों को भी प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
केमिकल युक्त खेती पर जताई गहरी चिंता
सीएम योगी ने खेतों में यूरिया और खतरनाक कीटनाशक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसके दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा: रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से हमारी धरती की मूल उपजाऊ शक्ति तेजी से खत्म हो रही है। दूषित अनाज के कारण आम लोगों की सेहत पर इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है और गंभीर बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। अपनी आने वाली पीढ़ी को घातक बीमारियों से बचाने के लिए हमें शुद्ध और बिना केमिकल वाला अनाज उगाना ही पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने समझाया कि प्राकृतिक तरीके से खेती करने पर बाजार से महंगे खाद-बीज खरीदने का खर्च बच जाता है, जिससे किसानों की लागत न्यूनतम हो जाती है। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से मिट्टी की सेहत लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता।
सरकार दे रही है मुफ्त ट्रेनिंग और आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चला रही है। किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से मुफ्त ट्रेनिंग देने के साथ-साथ आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों से जोड़ने के लिए कई सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि आने वाले समय में नई तकनीक और प्राकृतिक खेती का यह अनूठा मेल कृषि क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा।






















