स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग एजेंटों को लेकर भाजपा-टीएमसी आमने-सामने
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए जारी मतगणना के शुरुआती घंटों में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे ईवीएम से रुझान सामने आ रहे हैं, राज्य का राजनीतिक तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। मतगणना केंद्रों से धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आने लगे हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। उत्तर 24 परगना के नोआपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि मतगणना केंद्र पर अभी उम्मीदवार या चुनावी एजेंट पहुंचे भी नहीं थे, और टीएमसी कार्यकर्ताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की घोषणा कर दी। सिंह ने इसे चुनावी धोखाधड़ी की साजिश करार देते हुए मामले की शिकायत चुनाव पर्यवेक्षक (Observer) से करने की बात कही है।
मतगणना की पारदर्शिता को लेकर केवल नोआपारा ही नहीं, बल्कि बिशुनपुर में भी विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा सांसद सौमित्रा खान ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि टीएमसी और उसकी चुनावी प्रबंधन कंपनी I-PAC मिलकर मतगणना केंद्रों पर फर्जी अधिकारियों को भेजने की योजना बना रहे हैं। खान का दावा है कि असली अधिकारियों से फोन कर उनके दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि उन्हीं के आधार पर फर्जी पहचान पत्र तैयार कर टीएमसी समर्थकों को काउंटिंग सेंटर के भीतर प्रवेश कराया जा सके। भाजपा का आरोप है कि यह पूरी कवायद मतगणना के परिणामों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की जा रही है। इन आरोपों ने राज्य के संवेदनशील मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर तनाव बढ़ा दिया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतगणना शुरू होने से ठीक पहले भाजपा और प्रशासन पर पलटवार करते हुए गंभीर आरोप जड़े हैं। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दावा किया कि श्रीरामपुर, कृष्णानगर, औसग्राम और कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में जानबूझकर बिजली कटौती की गई है। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के काम न करने और स्ट्रॉन्ग रूम के पास संदिग्ध हलचल होने की खबरें मिलने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। 293 सीटों पर हुए इस ऐतिहासिक चुनाव में, जहाँ 92 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड मतदान हुआ है, अब हर एक वोट की गिनती पर दोनों दलों की पैनी नजर है।























