भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, डिप्टी सीएम ने दिए जांच के निर्देश
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा (SI) भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन एक प्रश्न को लेकर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया। प्रश्न पत्र में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर ब्राह्मण समाज और भाजपा के कई नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
दरअसल हिंदी विषय में ‘वाक्यांश के लिए एक शब्द’ के अंतर्गत प्रश्न पूछा गया था— ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’। इसके चार विकल्प दिए गए थे: (A) पंडित, (B) अवसरवादी, (C) निष्कपट, (D) सदाचारी। हालांकि सही उत्तर ‘अवसरवादी’ था, लेकिन ‘पंडित’ शब्द को इस तरह के प्रश्न में विकल्प के रूप में रखने पर विवाद खड़ा हो गया।
देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी और भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि ‘पंडित’ शब्द विद्वान और ज्ञानी वर्ग का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ वाले प्रश्न में शामिल करना समाज की भावनाओं को आहत करता है और सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास है। विवाद बढ़ने पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। साथ ही पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश देते हुए कहा कि दोषी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।























