अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले पर जताई चिंता
अमेठी,संवाददाता : बौद्ध भिक्षु भंते बुद्ध वंश ने वर्तमान में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि युद्ध की घटनाएं मानवता के लिए घातक होती हैं और युद्ध से कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। दुनिया को युद्ध की नहीं बल्कि गौतम बुद्ध की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि मानवता के कल्याण के लिए बुद्ध की शिक्षाएं आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। बुद्ध ने दुनिया को समता, समानता, मैत्री भाव, शांति और अहिंसा का संदेश दिया था। इन्हीं सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर ही मानवता की रक्षा की जा सकती है। भंते बुद्ध वंश चारिका के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इस दौरान बातचीत में उन्होंने बौद्ध धम्म के मूल सिद्धांतों की जानकारी देते हुए कहा कि मैत्री भाव बौद्ध धम्म का आधार है। करुणा और मैत्री भाव से ही भगवान बुद्ध ने कुख्यात दस्यु अंगुलिमाल का हृदय परिवर्तन किया था, जिसके बाद वह बौद्ध भिक्षु बनकर बुद्ध के संघ में शामिल हो गया।
उन्होंने बताया कि चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग और मध्यम मार्ग बौद्ध धम्म के प्रमुख सिद्धांत हैं। बौद्ध धम्म अहिंसा, सम्यक कर्म, नैतिकता, शील और निर्वाण पर जोर देता है। संसार की प्रत्येक वस्तु परिवर्तनशील है और अंधविश्वास, कर्मकांड तथा अवैज्ञानिक मान्यताओं का यहां कोई स्थान नहीं है। बौद्ध धम्म तर्क और तथ्य के सिद्धांतों पर आधारित है।
भंते बुद्ध वंश ने बताया कि वे श्रामणेर और बौद्धाचार्य प्रशिक्षण के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। श्रामणेर दीक्षा के बाद दीक्षित व्यक्ति को शीलों के पालन पर विशेष ध्यान देना होता है और बौद्ध भिक्खु को कोई निजी संपत्ति नहीं रखनी चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ सामाजिक वैज्ञानिक और बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तथा मान्यवर कांशीराम के निकट सहयोगी श्री राम क्रांतिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
























