अंबेडकर प्रतिमा प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग, बेगुनाहों पर कार्रवाई न करने की उठी आवाज
अमेठी,संवाददाता : रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में 12 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अतिरिक्त एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच तथा निर्दोष लोगों पर कार्रवाई न करने की मांग की।

सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि पूरे मामले का कुछ लोगों के इशारे पर राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के दलितों और ग्रामीणों द्वारा सरकारी भूमि पर अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई से विवाद बढ़ गया।
घटना के अनुसार, 12 अप्रैल को प्रतिमा स्थापित किए जाने की सूचना मिलने पर एसडीएम सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से चबूतरे को हटवाते हुए प्रतिमा को सुरक्षित कर लिया। इसी दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया और पथराव की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं और सपा नेता का आरोप है कि मौके पर मौजूद लेखपाल की भूमिका संदिग्ध रही और उसी के कारण माहौल बिगड़ा। उनका कहना है कि कई गरीब और निर्दोष ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच नहीं की गई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में अब भी पीएसी तैनात है और ग्रामीणों को डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए, ताकि क्षेत्र में व्याप्त दहशत समाप्त हो सके। इस दौरान मनीराम वर्मा, मनु पाल, दिवाकर यादव, चंद्रकांत पाल, विजय यादव, कपिल सहित कई ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।






















