एनआईए, गृह मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय की टीमें मौके पर; खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज
बालोतरा/जयपुर,संवाददाता : राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग के मामले में अब उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), केंद्रीय गृह मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय की तकनीकी टीम समेत कई एजेंसियों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की गहन पड़ताल शुरू की। जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी ध्यान दे रही हैं कि क्या यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला है या इसके पीछे कोई साजिश है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्तृत जांच की जिम्मेदारी किस एजेंसी को सौंपी जाएगी।
पीएम दौरे से पहले सुरक्षा पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के संभावित दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर जांच करती हैं। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गृह मंत्रालय ने प्रारंभिक तौर पर इसे सुरक्षा में चूक के रूप में देखा है। रिफाइनरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तलाश की जा रही है। साथ ही, परिसर में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों की निगरानी और सख्त कर दी गई है।
नुकसान का आकलन जारी
करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से 4,500 एकड़ में फैली इस परियोजना में 20 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। आग से हुए नुकसान को लेकर एचपीसीएल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, संकेत हैं कि यदि क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है, तो 1 जुलाई तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया जा सकता है।
बहुस्तरीय जांच, हर एंगल पर फोकस
इस घटना की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। जहां एक ओर सुरक्षा एजेंसियां संभावित साजिश की जांच कर रही हैं, वहीं एचपीसीएल अपनी आंतरिक जांच भी चला रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा स्वतंत्र जांच कराए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इस जांच में डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन, आईओसीएल और बीपीसीएल जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं।
बीएसएफ चॉपर से पहुंची टीम
मंगलवार दोपहर बीएसएफ का एक हेलीकॉप्टर दिल्ली से रिफाइनरी क्षेत्र में पहुंचा। इसमें सवार विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और कर्मचारियों व फायर ब्रिगेड कर्मियों से पूछताछ की। करीब दो घंटे बाद फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और जांच को आगे बढ़ाया।
एसआईटी गठन की संभावना
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में किसी साजिश या लापरवाही के संकेत मिलते हैं, तो राज्य सरकार विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर सकती है। पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने न केवल औद्योगिक सुरक्षा, बल्कि वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।






















