ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई अधिकारी मारे जाने से क्षेत्रीय तनाव चरम पर
नई दिल्ली : पिछले 48 घंटों में पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) की स्थिति बेहद अस्थिर हो गई है, जब अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर व्यापक सैन्य हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मारे गए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और संकट गहरा गया है।
क्या हुआ? स्थिति का विस्तार
संयुक्त हमले और खामेनेई की मौत, अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हुई। ईरानी मीडिया ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और देशभर में प्रतिक्रिया तेज है।
जवाबी हमले और फैलता संघर्ष , ईरान का जवाब
ईरान ने इज़राइल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ-साथ कतर, बहरीन, कुवैत और अन्य खाड़ी राष्ट्रों में अमेरिकी एवं इज़राइली ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी ठिकानों से मिसाइलें दागने की सूचना मिली है, जिससे गृह रक्षा तैयारियाँ बढ़ गई हैं।
संघर्ष का विस्तार
लेबनान की मिलिशिया समूह हिज़्बोल्लाह ने भी मिसाइलें दागीं और इसके जवाब में इज़राइल ने बेरूत के आसपास के क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कई देशों ने संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की है, तो कुछ ने कड़ी निंदा भी की है। रूस और चीन ने संयुक्त हमलों की आलोचना की है, जबकि पश्चिमी देशों ने शांति की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हिंसा को रोकने और तात्कालिक शांति बहाल करने की मांग की है।
भारत की प्रतिक्रिया और नेतृत्व की सक्रिय भूमिका
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल और यूएई दोनों के नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने: क्षेत्रीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता बताया। संघर्ष को जल्द समाप्त करने और शांति तथा स्थिरता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने इस संकट पर संतुलित और शांति-प्रधान रुख अपनाया है, साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।
स्थिति का व्यापक प्रभाव
संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, हवाई यातायात, और अंतरराष्ट्रीय बाजार भी प्रभावित हो रहे हैं। कई देशों में विरोध प्रदर्शन और विरोधी रुझान देखने को मिल रहे हैं। सुरक्षा सलाह और नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
























