केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं तथा प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रदर्शनी की सराहना
प्रयागराज,संवाददाता : मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने आज माघ मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड स्थित किला रोड पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यों, योजनाओं, परियोजनाओं एवं उपलब्धियों के साथ-साथ जनपद प्रयागराज के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों पर आधारित है।

प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मंडलायुक्त ने इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं और आमजन को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी, जिससे लोग सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकेंगे।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों के नाम लिखी गई पाती, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, ओडीओपी, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, धार्मिक-आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, एयर कनेक्टिविटी, एमएसएमई इकाइयां, डीबीटी के माध्यम से अनुदान भुगतान, अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति, सुदृढ़ कानून व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छ भारत अभियान, अटल पेंशन योजना, निःशुल्क सिंचाई, एक्सप्रेस-वे सहित अन्य योजनाओं एवं परियोजनाओं पर आधारित चित्र प्रदर्शित किए गए हैं।

मंडलायुक्त ने उसी परिसर में लगी ‘ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक’ विषयक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में संगम नगरी प्रयागराज के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया गया है, जिससे मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु इन स्थलों के महत्व को जान सकें।
प्रदर्शनी में बड़े हनुमान जी, अक्षयवट, संगम, उल्टा किला, खुसरोबाग, श्रृंगवेरपुर धाम, मनकामेश्वर मंदिर, नौलखा मंदिर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, आनंद भवन, जैन मंदिर, तारामंडल, भारद्वाज मुनि आश्रम, ललिता देवी मंदिर, नागवासुकी मंदिर, कर्जन पुल, नया पुल नैनी, इलाहाबाद लाइब्रेरी, अशोक स्तंभ, झूंसी जैन मंदिर, श्री नारायण आश्रम, प्रयाग महात्म्य सहित अन्य धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों से संबंधित चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से माघ मेला की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंच रहा है।
























