मीन खरमास के कारण एक महीने तक विवाह पर विराम, जुलाई में देवशयनी एकादशी से फिर चार माह का प्रतिबंध
लखनऊ : मार्च महीने में अभी पांच शुभ लग्न शेष हैं, जिनमें विवाह जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसके बाद 14 मार्च से मीन खरमास शुरू हो जाएगा, जिसके चलते 14 अप्रैल तक विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। मीन खरमास के दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। इस अवधि के समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल से विवाह मुहूर्त पुनः शुरू हो जाएंगे। 15 अप्रैल से 12 जुलाई तक विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए कुल 29 शुभ लग्न उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने बताया कि 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास आरंभ हो जाएगा। इसके चलते लगभग चार महीने तक विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। इसके बाद 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के बाद से फिर से विवाह और अन्य मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
विवाह के प्रमुख शुभ मुहूर्त
मार्च: 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29
मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
जून: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई: 1, 6, 7, 11, 12
नवंबर: 21, 24, 25, 26
दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6























