अमेरिका-इजरायल के हमले दूसरे हफ्ते में; मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, तेल बाजार पर भी असर की आशंका
वाशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान पर कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी नौसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है। Air Force One में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इसे “छोटा सा ऑपरेशन” बताते हुए कहा कि ईरानी जहाज अब समुद्र की गहराइयों में दफन हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई अब दूसरे सप्ताह में पहुंच गई है। दोनों देशों की वायुसेनाएं तेहरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर लगातार हवाई हमले कर रही हैं। वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। खास तौर पर संयुक्त अरब अमीरात में ईरानी हमलों की खबरें सामने आई हैं, जहां दुबई के कई इलाकों को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों पर भी हमलों की सूचना मिल रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेल बाजार पर संभावित असर को लेकर ट्रंप ने कहा कि युद्ध के कारण कीमतों में अस्थायी उछाल आ सकता है, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने कहा, “हम धरती से एक बड़े कैंसर को खत्म कर देंगे और इसे जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।” उनका इशारा स्पष्ट रूप से ईरानी शासन की ओर था। ट्रंप ने 7 अक्टूबर 2023 का हमास हमला का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों की घटनाओं को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने ईरान पर हमलों को सही ठहराते हुए कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ अमेरिका या इजरायल के लिए नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और दुनिया की शांति के लिए जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, “देखते हैं आगे क्या होता है,” और इस बयान के साथ उन्होंने आने वाले समय को लेकर रहस्यमयी संकेत भी दिए।
























