कोटवाधाम गांव में हादसे के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर में चल रहा था उपचार
बदोसरांय (बाराबंकी) : कोतवाली बदोसरांय क्षेत्र के कोटवाधाम गांव में एक सप्ताह पहले खौलते पानी में गिरकर गंभीर रूप से झुलसी सात वर्षीय बालिका वैष्णवी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। भारी भीड़ और आक्रोश को देखते हुए पुलिस और पीएसी बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।

22 फरवरी को हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, 22 फरवरी की सुबह करीब नौ बजे राजू गुप्ता की पोती वैष्णवी गांव की एक किराना दुकान पर सामान लेने गई थी। दुकान के पास खोवा बनाने का कार्य चल रहा था और खौलते पानी के बड़े भगोने रखे थे। इसी दौरान वह कड़ाही से टकराकर खौलते पानी में गिर गई, जिससे वह लगभग 60 प्रतिशत तक झुलस गई। घटना के बाद परिजन उसे सिरौलीगौसपुर अस्पताल ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां वह करीब एक सप्ताह से आईसीयू में भर्ती थी। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
दुकान संचालक पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने दुकान संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बालिका के बाबा राजू गुप्ता का कहना है कि खोवा बनाने का काम असुरक्षित ढंग से किया जा रहा था। इस मामले में बदोसरांय कोतवाली में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। शव गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। एहतियातन क्षेत्राधिकारी रामनगर गरिमा पंत और प्रभारी निरीक्षक बदोसरांय अजीत विद्यार्थी सहित कई थानों की पुलिस बल मौके पर तैनात रही।
आंसुओं के बीच अंतिम विदाई
मासूम वैष्णवी की अंतिम विदाई का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा। होली के रंगों से खेलने वाली बच्ची के शव पर परिजनों ने अबीर-गुलाल लगाकर अंतिम विदाई दी। मां ने रोते हुए बताया कि उसने बेटी का कमरा बड़े प्यार से सजाया था, लेकिन यह अनहोनी हो जाएगी, इसकी कल्पना भी नहीं थी। घर के सदस्यों ने अंतिम संस्कार से पूर्व मासूम का मुंह घर के पकवानों से मीठा कराया। यह दृश्य देखकर ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके। गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि वैष्णवी सबकी चहेती थी। एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।






















