पीड़िता की शिकायत पर मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
लखनऊ, संवाददाता : इंदिरानगर ए-ब्लाक में मेजर की बेटी अंजना भट्ट के करीब सात करोड़ रुपये कीमत के मकान पर जाली दस्तावेज़ बनाकर कब्जा करने वाले दो लोगों को गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने वाले सर्वोदय नगर चौकी प्रभारी को डीसीपी पूर्वी ने निलंबित कर दिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
इंस्पेक्टर राकेश कुमार मौर्या ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू (सैय्यद राजा, चंदौली) और मनोज कुमार यादव (चंदौली) शामिल हैं। पूछताछ में बलवंत ने बताया कि वह लोग ऐसे मकानों की तलाश करते थे, जिनमें कोई विरोध न करे। गिरोह का एक साथी अंजना के घर की जानकारी देकर कहा कि मकान में मेजर की बेटी रहती है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मकान साढ़े चार हजार स्क्वायर फीट में फैला हुआ है और इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है।
कब्जा करने की योजना
अभियुक्त पहले मकान के बाहर बैठकर और आ-जा कर मकान की रेकी करते रहे। इसके बाद उन्होंने मकान में दाखिल-खारिज करवा लिया और बोर्ड लगाकर कब्जा करने की कोशिश की। जब विरोध हुआ, तो उन्होंने जाली दस्तावेज़ दिखा दिए।
पीड़िता ने की शिकायत
अंजना भट्ट ने थाने पर जाकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़िता मुख्यमंत्री तक पहुंची, जिसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में चौकी प्रभारी सौरभ की लापरवाही पाई गई और उन्हें डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने निलंबित कर दिया।
गिरोह की शेष तलाश
पुलिस अभी गिरोह के अन्य पांच सदस्यों—शिव जियावन, सोनू उर्फ स्वामीकांत, सत्यम, राजीव और एक अज्ञात—की तलाश में जुटी है।
























