मोहनलालगंज क्षेत्र में आपात हालात का अभ्यास, इंटर-एजेंसी समन्वय पर जोर
लखनऊ,संवाददाता : भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से चतुर्थ वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) कैंप पर शुक्रवार को एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान तहसील मोहनलालगंज क्षेत्र में भूकंप आने से कई इमारतों के ढहने और आग लगने की परिकल्पना की गई।
कंट्रोल रूम को मिली सूचना, तुरंत सक्रिय हुई एजेंसियां
अभ्यास के तहत मलबे में लोगों के फंसे होने की सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर/कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद कंट्रोल रूम से खोज एवं बचाव तथा चिकित्सा उपचार के लिए संबंधित नोडल एजेंसियों और विभागों को तत्काल सूचना भेजी गई।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव कार्य किया। इस दौरान सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों ने वॉलेंटियर के रूप में राहत कार्य में सहयोग किया। मॉक ड्रिल के तहत घायलों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी चिकित्सालय भेजा गया।
वास्तविक आपदा में तेज और समन्वित कार्रवाई का लक्ष्य
मॉक ड्रिल का फील्ड नेतृत्व एनडीआरएफ के उप कमांडेंट अनिल कुमार पाल और निरीक्षक सभाजीत यादव ने किया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच इंटर-एजेंसी को-ऑर्डिनेशन को मजबूत करना है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में बिना किसी भ्रम के तुरंत और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
























