सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा, निकाली गई भव्य कलश यात्रा

अमेठी,संवाददाता : भरेथा, हथकिला चौराहा के निकट दुर्गापुर रोड, अमेठी में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में दिव्य गुरु सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारम्भ हुआ।

कथा के प्रथम दिवस में दिव्य गुरु सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या, भागवत भास्कर साध्वी सुश्री पद्म हस्ता भारती जी ने राजा परीक्षित के प्रसंग के माध्यम से संगत को आत्म कल्याण का गूढ़ संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार राजा परीक्षित के पास केवल सात दिवस का समय था, उसी प्रकार प्रत्येक मानव के जीवन में भी समय सीमित है—सोमवार से रविवार तक के सात दिवसों की भांति, जीवन कब संध्या में परिवर्तित हो जाए, कहा नहीं जा सकता। इसलिए परीक्षित जैसी जागरूक भावना का होना अत्यंत आवश्यक है।

साध्वी जी ने कहा कि राजा परीक्षित ने आत्म कल्याण के लिए समय के पूर्ण संत, ब्रह्मनिष्ठ शुकदेव महाराज जी का आश्रय लिया। आज के समय में यदि मनुष्य सांसारिक मोह-माया में लिप्त तथाकथित गुरुओं के पास जाता है, तो आत्म कल्याण संभव नहीं हो सकता। आत्म उद्धार के लिए पूर्ण संत की अनिवार्यता है।
उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे—
“नहीं दरिद्र सम दुःख जग माहीं। संत मिलन सम सुख जग नाहीं।”
का उल्लेख करते हुए कहा कि संत मिलन से बढ़कर संसार में कोई अन्य सुख नहीं है, क्योंकि संत हमें परमानंद से जोड़ते हैं।
गुरुदेव सर्वश्री आशुतोष महाराज जी के वचनों का उल्लेख करते हुए साध्वी जी ने कहा कि पूर्ण संत केवल ईश्वर की चर्चा ही नहीं कराते, बल्कि ईश्वर का साक्षात् दर्शन भी कराते हैं। जैसे रसायन शास्त्र का विद्यार्थी पहले थ्योरी पढ़ता है और फिर प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल करता है, उसी प्रकार भक्त को कथा के साथ-साथ प्रभु का दर्शन भी करना चाहिए।

कथा के अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों माताओं-बहनों ने सिर पर कलश धारण कर क्षेत्र के कल्याण हेतु मंगल कामना की। कथा का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कथा के दौरान गूढ़ प्रसंगों को अत्यंत सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया, जिससे सम्पूर्ण जनमानस भावविभोर होकर झूम उठा। कथा का समापन प्रभु की पावन आरती के साथ हुआ।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से— कमला कान्त तिवारी (जिला उपाध्यक्ष, विहिप, अमेठी), विवेक के. के. मिश्रा (राज्य निदेशक, प्रकृति कल्याण परिषद, उ.प्र.), शिव नाथ तिवारी (ग्राम प्रधान, बालीपुर), राजमणि मिश्रा (BDC, बालीपुर), राकेश अग्रवाल (व्यवसायी, अमेठी), बलवंत सिंह (भरेथा),
श्याम नारायण ओझा (वरिष्ठ समाजसेवी), राम ताड़क शुक्ला (बिल्डर), इन्द्र बहादुर सिंह (ग्राम प्रधान, घोरहा), अखंड प्रताप सिंह (समाजसेवी), सर्वेश कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह (ग्राम प्रधान, अमटाही), अरविन्द तिवारी (प्रबंधक, सिद्धिदात्री अध्यात्म शक्ति पीठ, बासी, सुल्तानपुर), मदन लाल गुप्ता, श्री शीतला प्रसाद सिंह एवं श्री श्याम सोनी सहित अनेक सम्मानित जन उपस्थित रहे। कथा ज्ञान यज्ञ आगामी दिनों में भी श्रद्धा, भक्ति एवं आत्म कल्याण के संदेश के साथ निरंतर जारी रहेगा।
























