चुनाव लड़ने को लेकर बताया प्लान
लखनऊ, संवाददाता : भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह इन दिनों अपनी बेबाकी और सामाजिक सक्रियता को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उनकी किताब बेबाक हूं, बेअदब नहीं प्रकाशित हुई है। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने अपने विचार स्पष्ट रूप से रखे।
राजनीति से दूरी, काम पर फोकस
शालिनी सिंह ने साफ किया कि उन्होंने अभी तक राजनीति में कदम नहीं रखा है। परिवार में राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद वे खुद को केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता मानती हैं। उन्होंने कहा कि नेतृत्व कौन करेगा, यह जनता तय करती है। चुनाव लड़ना नियति और कर्म पर निर्भर करता है। “हम टिकट मांगने वालों में नहीं हैं, हम सिर्फ काम करना चाहते हैं।” खुद को एजुकेशनिस्ट बताते हुए शालिनी कहती हैं कि उनका मुख्य फोकस शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर है। वे मानती हैं कि हर व्यक्ति तक शिक्षा का अधिकार पहुंचे, अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा मिले और बिजली, पानी व सड़क जैसी मूल समस्याएं पहले हल हों। उनके अनुसार, बड़े मुद्दों से पहले स्थानीय समस्याओं का समाधान जरूरी है।
हिंदू-मुस्लिम राजनीति पर स्पष्ट राय
शालिनी सिंह ने धार्मिक राजनीति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश को हिंदू-मुस्लिम विभाजन से ऊपर उठना होगा। “हमें वसुधैव कुटुंबकम और अतिथि देवो भव की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।” उन्होंने पुराने समय के सामाजिक मेलजोल और सहभोज की परंपरा को याद करते हुए भाईचारे पर जोर दिया।
नागरिक जिम्मेदारी पर जोर
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सिर्फ आलोचना न करें, बल्कि सकारात्मक योगदान भी दें। जनप्रतिनिधियों के अच्छे कामों की सराहना करें और गलती होने पर मिलकर रचनात्मक आलोचना करें। शालिनी सिंह ने कहा कि उनकी जिंदगी में उन्होंने हमेशा खुद फैसले लिए हैं। उनके अनुसार, “डर के साथ जीने से कुछ हासिल नहीं होता, बेबाकी और सच्चाई ही आगे बढ़ने का रास्ता है।”
























