हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर युवाओं के लिए खुलेंगे
लखनऊ, संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विकास मॉडल का अगला बड़ा पड़ाव लखनऊ में प्रस्तावित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी है। मुख्यमंत्री ने जनता के नाम अपने पत्र में भी एआई सिटी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट की थी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल प्रदेश की आर्थिक गति को तेज करेगी, बल्कि प्रदेश को वैश्विक टेक मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।
प्रस्तावित एआई सिटी को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र को कोर जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां एआई इनोवेशन सेंटर, टेक्नोलॉजी पार्क, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सुविधाएं, डेटा सेंटर्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित होंगे। शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह एक आत्मनिर्भर और संतुलित टेक इकोसिस्टम के रूप में उभरे।
योगी सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए आईटी–आईटीईएस और एआई सेक्टर को ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत लखनऊ में एआई सिटी को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना है, ताकि सरकारी सहयोग और निजी निवेश का संतुलित ढांचा तैयार हो सके।
एआई सिटी में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए अत्याधुनिक वर्कस्पेस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एआई कंपनियों को एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे वे अपने प्रोजेक्ट्स को तेजी से विकसित कर सकें। सरकार का लक्ष्य लखनऊ को टॉप-20 ग्लोबल एआई हब्स में शामिल करना है। एआई सिटी को ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे तकनीकी विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी सुनिश्चित होगा।
युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए द्वार
राजधानी लखनऊ की शैक्षणिक और तकनीकी क्षमता एआई सिटी की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पहले से ही यहां मौजूद हैं, जो रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभा रहे हैं। एआई सिटी इन संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर एक मजबूत टैलेंट पूल तैयार करेगी।
इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईटी प्रोफेशनल्स, डेटा साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स, रिसर्चर्स और स्टार्टअप उद्यमियों के लिए यह एक बड़ा मंच बनेगा। स्थानीय युवाओं को अब उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
























