हजरतगंज स्थित रतन स्क्वायर बिल्डिंग में है कार्यालय, लोग निराश होकर न लौटें इसलिए कुर्सी पर न बैठकर प्रत्येक से मिलकर लेते हैं फीडबैक
काका-सीतापुरिया, लखनऊः कोई भी आपातक़ालीन स्थिति सेना की मदद के बाद ही नियंत्रित होती है, लेकिन जिस व्यवस्था का संचालन सेना से रिटायर्ड कैप्टन कर रहे हों, वहां आप सहज ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि सिस्टम कितना अनुशासित होगा। हम बात कर रहे हैं हज़रतगंज के रतन स्क्वायर बिल्डिंग में स्थित आधार सेवा केंद्र कार्यालय में तैनात केंद्र प्रबंधक आर्मी के रिटायर्ड कैप्टन देवराज त्रिपाठी के सराहनीय कार्यों की।
एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद हज़रतगंज-लखनऊ आधार सेवा केंद्र में दूसरे ज़िलों से भी लोग खूब आ रहे हैं। सबकी समस्या का समाधान हो सके और लोग संतुष्ट होकर जा सकें। इसके लिए केंद्र प्रबंधक देवराज त्रिपाठी सुबह दस बजे से लेकर शाम छह बजे तक सक्रिय भूमिका में रहते हैं। आधार कार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए देवराज त्रिपाठी अपना केबिन हर समय खुला रखते हैं।अपने कार्य के प्रति कर्मठता और ईमानदारी ऐसी कभी-कभी तो टिफ़िन भी रखा ही रह जाता है। जिनका काउंटर पर सामधान नहीं होता वो उनसे मिलकर समस्या का हल समझ लेता है। लखनऊ के अब्दुल्ला, सरजू, सीतपुर की रामदुलारी, बाराबंकी के मनमोहन समेत कई लोग लाइन में ऐसे मिले जो आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या नया कार्ड बनवाने संबंधी समस्याओं को लेकर परेशान दिखे, लेकिन जब इन सबने देवराज त्रिपाठी से मुलाक़ात की और लौटे तो उनके मुरझाए चेहरे पर चमक साफ तौर से देखी जा सकती थी। उन्होंने बताया साहब से मिलकर समस्या का समाधान हो गया। यहां कुछ ऐसे भी लोग थे, जिनके कागजों में कमियां थी, उन्हें कागज दुरुस्त कर दोबारा मिलने को कहा गया। यहां देवराज त्रिपाठी कुर्सी पर कम समय बैठकर फ़ील्ड वर्क में अधिक व्यस्त रहते हैं, जिसके चलते पारदर्शी काम के साथ अनुशासित व्यवस्था बनी है। देवराज त्रिपाठी की पोस्टिंग जहां भी रही उन्होंने अपनी ईमानदारी, ड्यूटी के प्रति समर्पण भाव और अनुशासित शैली से अमिट छाप छोड़ी।
ये मामले आ रहे अधिक
देवराज त्रिपाठी ने बताया कि राशन और सरकारी योजनाओं के लाभ के किए लोगों को आधार कार्ड के मानकों पर खरा उतरना है, इसलिए एसआइआर के बाद लोग ज़्यादा संख्या में आ रहे हैं। अधिकांश लोग नाम, उम्र व पते में संशोधन कराने आ रहे हैं। 18 वर्ष की उम्र से 52 साल तक के लोग अब नया आधार कार्ड बनवाने भी आ रहे हैं। नए आधार कार्ड के लिए कोई भी एक फोटोयुक्त आइडी अनिवार्य है।
ऐसा अधिकारी जिसके प्रबंधन की सुरक्षा गार्ड तक करते हैं तारीफ
बाहर आधार कार्ड के लिए आए लोगों की लाइन लगवा रहे सुरक्षा गार्ड भी जब पस्त हो जाते हैं तो उन्हें केंद्र प्रबंधक देवराज त्रिपाठी की याद आती है। सुरक्षा गार्डों ने बताया कि केंद्र प्रबंधक का अधिकांश समय फ़ोकस आधार के किए आए लोगों से मिलने पर होता है, वे कुर्सी पर कम और लोगों से फ़ीडबैक लेने व भीड़ प्रबंधन पर अधिक फोकस करते हैं।





















