गौसेवक सतेंद्र तिवारी ने अपनी कुल कमाई के 25 प्रतिशत के हिस्से में गायों को बनाया पार्टनर
लखनऊ, शुभम मिश्र (संवाददाता): एक गौ सेवक ने वर्ष 2000 में सौ रुपए से व्यापार शुरू किया और आज 200 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं। हम बात कर रहे हैं समाजसेवी व रियल स्टेट कारोबारी सतेंद्र तिवारी की। एक गाय से शुरू की गई गौसेवा आज लखनऊ जिले के निगोहां में नंदिनी गोशाला बनाकर 550 गायों तक पहुँचा रहे हैं। सतेंद्र तिवारी बताते हैं कि संघर्ष के शुरुआती दिनों में जेब में पैसे नहीं हुआ करते थे। इसी बीच ब्रह्मऋषि योगी राज देवरहा बाबा को गुरु बनाकर उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। उ
नकी प्रेरणा से ही गौसेवा शुरू की। जब गाय को चारा खिलाने के लिए पैसे नहीं थे तो गौ माता के आशीर्वाद से वर्ष 2000 में सौ रुपए से कपड़े का व्यापार शुरू कर दिया। कपड़े का व्यापार बढ़ा तो रियल स्टेट का कारोबार किया, जिससे आज हमारी संपत्ति क़रीब 200 करोड़ तक पहुंच चुकी है। इस सफ़लता के पीछे सतेंद्र तिवारी देवरहा बाबा और गौमाता का आशीर्वाद मानते हैं।गौसेवक सतेंद्र तिवारी ने अपनी कुल कमाई के 25 प्रतिशत के हिस्से में गायों को पार्टनर बना रखा है। निगोहां में ज़मीन लेकर वर्ष 2012 में बसंत पंचमी के दिन नंदनी गोशाला की स्थापना की। हर वर्ष बसंत पंचमी में वे नंदनी गौशाला का स्थापना दिवस भी बड़ी धूमधाम से मनाते हैं।

गौसेवा से समस्त पापों का होता है नाशः
सतेंद्र तिवारी बताते हैं कि प्रत्येक हिंदू को एक गाय की सेवा करनी चाहिए। इससे समस्त प्रकार के पापों का नाश होता है। मान्यता है एक गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गाय की एक परिक्रमा कर लेने से 33 करोड़ देवी-देवताओं का आशीर्वाद एक साथ मिल जाता है। अगर सच्चे मन से गायों की सेवा की जाए तो उनके आशीर्वाद से दुनिया में कोई भी काम मुश्किल नहीं।

गौसेवा में 22 सेवादार और एक डॉक्टर की ड्यूटी
सतेंद्र तिवारी बताते हैं कि नंदिनी गोशाला में 22 सेवादार के साथ एक डॉक्टर को भी तैनात कर रखा है। इसमें 15 महिला कर्मचारी तैनात हैं। ऐसी कोई भी बेसहारा गाय जो बीमार है, उन्हें भी यहाँ चारे के साथ इलाज की समुचित व्यवस्था है।





















