पुरानी पेंशन बहाली, न्यूनतम वेतन व आउटसोर्सिंग नीति में सुधार की मांग
लखनऊ,संवाददाता : इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि देशभर के सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों की समस्याओं का समाधान आपसी बातचीत से निकाला जाए। मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है, जबकि पढ़े-लिखे युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार तो दिया जा रहा है, परंतु उन्हें जीने लायक वेतन और मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं। इस संबंध में इप्सेफ ने प्रधानमंत्री को दोबारा पत्र भेजा है।
गुरुवार को भेजे गए पत्र में इप्सेफ अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से कई प्रमुख मांगें कीं, जिनमें शामिल हैं—
- यूपीएस–एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
- देशभर के शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्ति दिलाई जाए।
- आउटसोर्स कर्मचारियों को पदवार न्यूनतम वेतन और अन्य जीवन-यापन सुविधाएँ दी जाएँ।
- रिक्त पदों पर नियुक्तियों में आउटसोर्स कर्मचारियों को वरीयता दी जाए।
- आठवें वेतन आयोग में पूर्व की भाँति पेंशन सुविधा बहाल हो।
- 50 प्रतिशत से अधिक महंगाई भत्ता होने पर, पूर्व व्यवस्था के अनुसार उसका 50 प्रतिशत मर्ज किया जाए।
इप्सेफ का कहना है कि उचित नीतिगत हस्तक्षेप से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आएगा।
























