2,585 रुपये समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 76 केंद्र बनाए गए
बदायूं : जनपद में शासन से घोषित समर्थन मूल्य 2,585 पर गेहूं की खरीद एक मार्च से शुरू हो चुकी है। खरीद के लिए सभी तहसीलों में 76 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन होली त्योहार के चलते अवकाश होने की वजह से क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। दीवार बैनर टगें दिखाई दे रहे थे। वहीं यह स्थित अभी गेहूं की फसल तैयार नहीं होने की वजह से है। किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है।
गेहूं खरीद के लिए पांच एजेंसियों को जिला विपणन विभाग की ओर से नामित किया गया है। इन्हीं एजेंसियों के द्वारा खोले गए 76 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद होनी है। ककराला रोड स्थित मंडी समिति में दो गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें एक खाद्य एवं रसद विभाग और दूसरा यूपीएसएस का स्थापित किया गया है। दोनों ही क्रय केंद्रों पर खरीद को लेकर कोई तैयारी नहीं है। दीवार पर बैनर जरूर टंगा दिखाई दे रहा है। ऐसा ही हाल अन्य क्रय केंद्रों का रहा। क्रय केंद्रों पर ऐसी स्थिति होने की वजह अभी खेतों में गेहूं तैयार नहीं है। फसल ठीक से पकी तक नहीं है। किसानों के अनुसार करीब 15 दिन बाद फसल पकने की स्थिति में होगी। उसके बाद कटाई शुरू होगी।
अब तक 315 सौ किसानों ने कराया है पंजीकरण
विपणन विभाग के अधिकारी की मानें तो क्रय केंद्रों पर किसानों के न आने के पीछे फसल तैयार न होना है। अभी किसानों का पंजीकरण किया रहा है। अब तक करीब 315 सौ किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिन किसानों के द्वारा गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया गया है। उनका ही गेहूं खरीदा जाएगा। खरीद के बाद भुगतान 48 घंटे में किया जाएगा।
गेहूं तैयार होकर मंडी पहुंचने में अभी देरी
गेहूं की फसल अभी खेतों में खड़ी है और करीब तीन से साढ़े तीन माह की हो चुकी है। ऐसे में गेहूं में बालियां निकल कर दाना पड़ चुका है। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं को तैयार होने में दो सप्ताह से चार सप्ताह का समय लग जाएगा। ऐसे में किसान अगले माह तक ही अपनी उपज लेकर खरीद केंद्रों पर पहुंचेंगे। गेहूं का बाजार भाव भी इस बार समर्थन मूल्य से अधिक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि इस माह के अंत में गेहूं की फसल तैयार होकर मंडी तक पहुंचने की उम्मीद है। एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ वैभव शर्मा ने बताया कि गेहूं खरीद शुरू हो गई है। 76 क्रय केंद्र बनाए हैं। केंद्रों पर व्यवस्थाएं सही कराई जा रही है। होली की छुट्टियां समाप्त होने के बाद व्यवस्थाएं सही करा दी जाएगी।
























