गृह मंत्रालय का ऐलान, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के जवान होंगे सम्मानित
नई दिल्ली : देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर गणतंत्र दिवस 2026 के उपलक्ष्य में पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस (एचजीएंडसीडी) और करेक्शनल सर्विसेज के कुल 982 कर्मचारियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, 125 पुलिसकर्मियों को वीरता के लिए पुलिस पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें 121 पुलिस सेवा और चार अग्निशमन सेवा के कर्मी शामिल हैं। वीरता पदक पाने वाले 121 पुलिसकर्मियों में से 35 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, 45 जम्मू-कश्मीर, पांच पूर्वोत्तर राज्यों और 40 देश के अन्य हिस्सों से हैं। राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के 33, महाराष्ट्र के 31, उत्तर प्रदेश के 18, दिल्ली के 14, मणिपुर के पांच, ओडिशा के चार, बिहार के तीन और तेलंगाना के एक पुलिसकर्मी को वीरता पदक मिलेगा। इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 12 जवान भी इस सम्मान से नवाजे जाएंगे।
गृह मंत्रालय ने बताया कि 101 पुलिसकर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) देने का निर्णय लिया गया है। इनमें 89 पुलिस सेवा, पांच अग्निशमन सेवा, तीन नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड तथा 25 करेक्शनल सर्विसेज के कर्मी शामिल हैं। वहीं, उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (MSM) से विभिन्न सेवाओं के 756 कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 664 पुलिस सेवा, 34 अग्निशमन सेवा, 33 नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड और 25 करेक्शनल सर्विसेज के कर्मचारी हैं।
किस लिए कौन सा पदक?
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, वीरता पदक असाधारण साहस और बहादुरी के कार्यों—जैसे जान-माल की रक्षा, अपराध रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने—के लिए दिया जाता है। इसमें उठाए गए जोखिम का मूल्यांकन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों के आधार पर किया जाता है। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) सेवा के दौरान विशेष रूप से उत्कृष्ट रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया जाता है, जबकि सराहनीय सेवा पदक (MSM) कर्तव्य के प्रति निष्ठा और समर्पण दर्शाने वाली मूल्यवान सेवा के लिए दिया जाता है।
























