पावर प्लांट्स और पुलों पर हमले की धमकी
नई दिल्ली : ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी युद्ध आज 39वें दिन में प्रवेश कर गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ हमले तेज कर दिए गए हैं।
ट्रंप ने ईरान के सामने 45 दिन के सीजफायर का प्रस्ताव रखा है, लेकिन इसके साथ कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता और युद्धविराम के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और प्रमुख पुलों को निशाना बना सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की डेडलाइन दी है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के लिए ईरान को सैन्य रूप से कमजोर करना मुश्किल नहीं होगा।
ईरान ने ठुकराया सीजफायर प्रस्ताव
अमेरिका द्वारा दिए गए सीजफायर प्रस्ताव को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार, देश ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और युद्ध जारी रखने का संकेत दिया है।
स्थायी समाधान की मांग पर अड़ा ईरान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस संघर्ष का स्थायी समाधान चाहता है। इसी उद्देश्य से उसने अमेरिका को 10 बिंदुओं में जवाब भेजा है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि केवल अस्थायी सीजफायर के बजाय स्थायी युद्धविराम और दीर्घकालिक समाधान आवश्यक है।
ईरान पर बड़े हमले की आशंका
इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका और इज़रायल मिलकर ईरान के पावर प्लांट्स, तेल भंडार और रणनीतिक पुलों को निशाना बना सकते हैं। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और आने वाले कुछ घंटे इस संघर्ष की दिशा तय कर सकते हैं।






















