धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की नई पहल, 10.85 करोड़ की परियोजना
पणजी : गोवा सरकार ने धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरिद्वार, वाराणसी और नासिक जैसे प्रमुख नदी तट धार्मिक स्थलों की तर्ज पर मांडवी नदी के किनारे ‘घाट आरती’ सुविधा विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना उत्तरी गोवा के नारोआ गांव में विकसित की जा रही है। राज्य के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने विधानसभा को बताया कि नारोआ में प्रस्तावित घाट आरती सुविधा तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर सकती है। मांडवी नदी के तट पर स्थित नारोआ गांव में ऐतिहासिक श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर स्थित है, जिसका पुनर्निर्माण मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा कराया गया था।
हाल ही में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक लिखित उत्तर में पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए 10.85 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया गया है। निर्माण कार्य 1 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ है और इसे 29 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खौंटे ने बताया कि परियोजना का कार्य मेसर्स आईबी कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया है, जिसे मानसून अवधि को छोड़कर 240 दिनों में पूरा किया जाना है। उन्होंने कहा कि घाट आरती सुविधा के विकास से गोवा में धार्मिक पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी और राज्य की पर्यटन पहचान को और विस्तार मिलेगा।
























