नई दिल्ली की जामा मस्जिद में उमड़ी भीड़, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश
नई दिल्ली: ईद-उल-फितर के मौके पर राजधानी नई दिल्ली स्थित जामा मस्जिद में शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशी साझा की। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक महीने के रोजों के बाद आने वाला यह दिन बेहद खास होता है। इसे अल्लाह की तरफ से एक इनाम माना जाता है, जिसमें सब्र, इबादत और बंदगी के बाद खुशी मनाने का अवसर मिलता है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि ईद का असली संदेश केवल अपनी खुशी तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों और गरीबों के साथ खुशियां बांटने में है। उनकी मदद करना और उन्हें अपने साथ शामिल करना ही सच्ची ईद है। इस अवसर पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा, जिससे नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे लोगों ने सुकून के साथ त्योहार मनाया।
ईद के मौके पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोग एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। यह देश की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश करता है। मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे त्योहार का माहौल और भी आनंदमय हो गया। नमाज के बाद लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया और अगले साल भी पूरे रोजे रखने की दुआ की।






















