विधानसभा चुनाव को लेकर एक्शन में योगी आदित्यनाथ, कैबिनेट विस्तार पर हुई चर्चा
दिल्ली : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों तेज हलचल है। मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा प्रदेश संगठन में बदलाव की खबरों के बीच शनिवार को लखनऊ में एक बड़ी बैठक हुई। इसमें सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के बीच समन्वय पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसमें शामिल हुए।
बैठक का मकसद
बैठक लखनऊ के निराला नगर में आरएसएस के कार्यालय सरस्वती कुंज में हुई। इसका मुख्य उद्देश्य तीनों पक्षों के कामकाज में बेहतर तालमेल बनाना था। इसमें संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। साथ ही आने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। भाजपा संगठन के विस्तार, 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां और समाज के हर वर्ग को जोड़ने पर भी बात हुई। बैठक का फोकस सरकार की गतिविधियों को मजबूत करने और चुनावी रणनीति बनाने पर था।
प्रमुख लोग कौन शामिल हुए?
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और संघ के क्षेत्रीय प्रचारक अनिल मौजूद थे। विभिन्न अनुसांगिक संगठनों के प्रांतीय और क्षेत्रीय पदाधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने आने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
क्या-क्या फैसले हुए?
बैठक में सहमति बनी कि संघ, सरकार और भाजपा के कार्यक्रमों में आपसी समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। तीनों पक्ष मिलकर घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे। विभिन्न अभियानों के जरिए सभी वर्गों तक पहुंच बनाई जाएगी। संघ की शाखाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। 2027 चुनाव के लिए संघ के साथ मिलकर रणनीति तैयार करने पर मंथन हुआ। सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों को प्रदेश में और मजबूत करने की योजना बनी।
संगठन विस्तार में संतुलन पर जोर
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां इस साल बहुत महत्वपूर्ण हैं। बैठक में तय हुआ कि भाजपा और अनुसांगिक संगठन अभी से लोगों से संपर्क बढ़ाएं। सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने की रणनीति पर सहमति बनी। प्रदेश संगठन का विस्तार जल्द होगा। इसमें सभी समुदायों को जगह दी जाएगी। क्षेत्रीय संतुलन बनाते हुए नए पदाधिकारी नियुक्त करने की बात हुई। इससे पार्टी को नई ताकत मिलेगी।
मोहन भागवत का लखनऊ दौरा
बैठक के बाद खबर है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत रविवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सकते हैं। यह दौरा 2027 चुनाव की रणनीति और समन्वय को मजबूत करने से जुड़ा हो सकता है। हाल के महीनों में मोहन भागवत का यह दूसरा लखनऊ दौरा है। इससे राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।























