रंगीली गलियों में सजी द्वापर युग की झलक, राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला से सराबोर हुआ ब्रज




मथुरा/बरसाना : बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला से जुड़ी इस अनोखी होली की तैयारियां जोर-शोर से पूरी कर ली गई हैं। खास तौर पर रंगीली गली और आसपास के प्रमुख चौराहों को आकर्षक वॉल पेंटिंग्स से सजाया गया है, जो द्वापर काल की जीवंत झलकियां प्रस्तुत कर रही हैं। करीब एक महीने से अधिक समय की अथक मेहनत के बाद 16 कलाकारों की टीम ने इन संकरी गलियों को राधा-कृष्ण की मनमोहक छवियों, लट्ठमार होली की थीम पर आधारित दृश्यों और रंग-बिरंगे चित्रों से नया रूप दिया है। रंगीली चौक पर बनी पेंटिंग्स श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। लोग यहां सेल्फी लेने और तस्वीरें खिंचवाने से खुद को रोक नहीं पा रहे।
कलाकार देव शर्मा ने बताया कि यह कार्य उनके लिए सौभाग्य की बात है। उनके अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की कृपा से उन्हें यह सेवा करने का अवसर मिला है। पिछले तीन वर्षों से वे हर साल नई थीम पर इन पेंटिंग्स को साकार कर रहे हैं, जो आने वाले भक्तों का दिल जीत लेती हैं। ब्रज की होली का अपना विशिष्ट महत्व है। मथुरा और बरसाना क्षेत्र में मनाया जाने वाला यह उत्सव केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण की दिव्य प्रेम-कथा का जीवंत प्रतीक है। लट्ठमार होली की परंपरा उस पौराणिक प्रसंग से जुड़ी है जब श्रीकृष्ण, राधा और उनकी सखियों को चिढ़ाने बरसाना पहुंचते थे और बदले में सखियां प्रेमपूर्वक लाठियों से उनका स्वागत करती थीं।

आज बरसाना की रंगीली गलियां ऐसी सजी हैं मानो स्वयं राधा-कृष्ण यहां होली खेलने उतर आए हों। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु इस अद्भुत वातावरण में डूबकर मानो द्वापर युग का अनुभव कर रहे हैं। लट्ठमार होली का यह जश्न रंगों के साथ-साथ भक्ति, कला और परंपरा के संगम से भी आलोकित हो उठा है।
























