कर्मचारी आचरण नियमावली 1956, 1973 एवं 1999 के उल्लंघन में कार्रवाई
सुलतानपुर, संवाददाता : खंड शिक्षा अधिकारी कादीपुर की आख्या पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने प्राथमिक विद्यालय मकदूमपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
डीबीटी और ड्रेस वितरण में अनियमितता
आरोप है कि विद्यालय में 59 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 34 छात्रों को डीबीटी का लाभ मिला, जबकि मात्र 16 बच्चे ही ड्रेस में पाए गए।
विद्यालय प्रबंधन में गंभीर लापरवाही
जांच में यह भी पाया गया कि— विद्यालय में रंगाई-पुताई नहीं कराई गई, एमडीएम पंजिका नियमित रूप से अपडेट नहीं की गई, वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले, शौचालय क्रियाशील नहीं था और रनिंग वाटर की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।, उच्चाधिकारियों को गुमराह किया गया। अधिकारियों के अनुसार शिक्षक द्वारा पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता, निरंकुशता, अनुशासनहीनता एवं हठधर्मिता बरती गई, जो बाल अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन है।
नियमावली के तहत निलंबन
बीएसए उपेन्द्र गुप्ता ने कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 3(2) एवं 9, 1973 के नियम 4(2)(3) तथा 1999 की नियमावली के तहत कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर ब्लॉक संसाधन केंद्र लंभुआ से संबद्ध कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी लंभुआ को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
पहले भी हो चुका है निलंबन
बताया जाता है कि शिक्षक नरेंद्र कुमार पांडे को पूर्व में भी तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी कादीपुर से अनुचित व्यवहार, निरीक्षण में अनुपस्थित रहने तथा बीएसए कार्यालय के कर्मचारी से अभद्रता व गाली-गलौज के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों पर सोशल मीडिया में टिप्पणी और कर्मचारी आचरण के विपरीत व्यवहार को लेकर भी पहले कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन सुधार न होने पर दोबारा कड़ी कार्रवाई की गई है।
























