जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं से भी मिलती है राहत
डॉ उमाशंकर मिश्रा,लखनऊ : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष पेड़-पौधों की विधिपूर्वक पूजा करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं। साथ ही जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं से भी राहत मिलती है। शास्त्रों में इन वृक्षों को देवी-देवताओं का वास स्थल माना गया है। आइए जानते हैं, किन पेड़-पौधों की पूजा से क्या लाभ प्राप्त होते हैं—
1. तुलसी
जिस घर में प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा होती है, वहां देवी लक्ष्मी का स्थायी वास माना जाता है। ऐसे घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
2. पीपल
हिंदू धर्म में पीपल को अत्यंत पूजनीय वृक्ष माना गया है। इसकी पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
3. नीम
नीम वृक्ष की पूजा से कुंडली के अनेक दोष शांत होते हैं। यह रोग निवारण में सहायक माना गया है तथा परिवार में सुख-शांति बनाए रखता है।
4. बरगद (वट वृक्ष)
बरगद की पूजा से महिलाओं का सौभाग्य अखंड रहता है। संतान संबंधी समस्याओं के निवारण में भी यह वृक्ष अत्यंत फलदायी माना गया है।
5. आंवला
आंवले के वृक्ष की पूजा करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इससे धन संबंधी समस्याओं का समाधान होता है और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।
6. बिल्व (बेल)
बिल्व वृक्ष के पत्ते और फल भगवान शिव को अर्पित किए जाते हैं। इसकी पूजा से नौकरी में उन्नति, पदोन्नति और अकाल मृत्यु से रक्षा मानी जाती है।
7. अशोक
अशोक वृक्ष की पूजा से रोग और शोक का नाश होता है। पारिवारिक जीवन सुखी रहता है तथा विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी इसकी पूजा की जाती है।
8. केला
जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह से संबंधित दोष होते हैं, उन्हें केले के वृक्ष की पूजा से विशेष लाभ मिलता है। इससे विवाह के योग शीघ्र बनते हैं।
9. शमी
शमी वृक्ष की पूजा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता के योग बनते हैं। दशहरे के दिन इसकी पूजा का विशेष महत्व है।
10. लाल चंदन
लाल चंदन के वृक्ष की विधिपूर्वक पूजा करने से सूर्य ग्रह से संबंधित दोष दूर होते हैं। इससे मान-सम्मान, पदोन्नति और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।




















