माघ मास गुप्त नवरात्रि में पूजित दस महाविद्याएं
डॉ उमाशंकर मिश्रा,लखनऊ : गुप्त नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दस महाविद्याओं की साधना से साधक को अनेक सिद्धियाँ, आत्मिक शक्ति और मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। जो श्रद्धालु व्रत रखने में समर्थ नहीं हैं, वे मंत्र जप एवं स्तोत्र पाठ द्वारा भी माता को प्रसन्न कर सकते हैं।
माघ मास गुप्त नवरात्रि में पूजित दस महाविद्याएं
गुप्त नवरात्रि में निम्न दस महाविद्याओं की विशेष साधना की जाती है:
- मां काली
- मां तारा
- मां त्रिपुर सुंदरी
- मां भुवनेश्वरी
- मां छिन्नमस्ता
- मां त्रिपुर भैरवी
- मां धूमावती
- मां बगलामुखी
- मां मातंगी
- मां कमला
चतुर्थी से नवमी तक करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जप
दुर्गा सप्तशती का महामंत्र
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुतेः।
महत्व:
यह मंत्र दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। इसके जप से देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
धन, समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करने वाला मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं श्रींः
फल:
इस सरल मंत्र के जप से धन, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
शत्रु नाश एवं मनोकामना पूर्ति मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
फल:
इस मंत्र के जप से शत्रुओं का नाश होता है और रुकी हुई इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
दस महाविद्याओं को प्रसन्न करने के विशेष मंत्र
- ॐ क्रीं कालिकायै नमः।
- ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं हूं फट्।
- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरायै नमः।
- ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः।
- श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा।
- ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा।
- धूं धूं धूमावती ठः ठः।
- ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्रीं ॐ स्वाहा।
- ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी फट् स्वाहा।
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमलायै नमः।
पाठ से प्राप्त होने वाले लाभ
इन मंत्रों के साथ यदि श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती, देवी कवच, अर्गला स्तोत्र एवं कीलक स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो:
- आत्मिक बल में वृद्धि होती है
- मानसिक शांति प्राप्त होती है
- जीवन के कष्ट, बाधाएं और भय दूर होते हैं
- माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है






















