सायं 6:00 से 6:48 बजे तक दिखेगा ग्रहण, प्रातः 9:00 बजे से प्रभावी रहेगा सूतक
डॉ. उमाशंकर मिश्रा,लखनऊ : 03 मार्च 2026 (मंगलवार) को खण्डग्रास चन्द्रग्रहण घटित होगा। इस बार ग्रहण का स्पर्श एवं प्रारंभ भारत में किसी भी स्थान पर दिखाई नहीं देगा। भारतवर्ष में यह चन्द्रग्रहण केवल मोक्ष काल के समय ही दृश्य होगा। यह ‘ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण’ होगा, यानी चंद्रमा के उदय के समय ही ग्रहण की अवस्था दिखाई देगी। चूंकि यह भारत में दृश्य रहेगा, इसलिए सूतक काल और उससे जुड़े नियम प्रभावी माने जाएंगे। ज्योतिषाचार्य पं. उमाशंकर मिश्रा के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा, जिससे सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा
भारत में दृश्य समय
- ग्रहण दिखाई देगा: सायं 06:00 बजे
- ग्रहण मोक्ष: सायं 06:48 बजे
सूतक काल
- प्रारंभ: प्रातः 09:00 बजे
- चन्द्रग्रहण का सूतक स्पर्श समय से लगभग 9 घंटे पूर्व प्रारंभ माना जाता है।
ग्रहण काल में क्या करें, क्या न करें
क्या न करें
- सूतक लगने के बाद भोजन से परहेज करें (बच्चों, बुजुर्गों व रोगियों को छूट)
- सुई, कैंची, चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करें
- कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ न करें
- मंदिर के पट बंद रखें और मूर्तियों का स्पर्श न करें
- ग्रहण काल में सोने से बचें
- यात्रा और दांपत्य संबंध से भी परहेज करें
क्या करें
- ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
- खाने-पीने की वस्तुओं में पहले से तुलसी पत्ता या कुशा डाल दें
- रामायण, गीता या हनुमान चालीसा का पाठ करें
- ग्रहण के स्पर्श से पहले और बाद में स्नान करें
किन-किन क्षेत्रों में दिखेगा ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण एशिया के अधिकांश देशों, विशेषकर भारत सहित पूर्वी और मध्य एशिया में दिखाई देगा। ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया में इसका दृश्य सबसे स्पष्ट रहेगा। इसके अलावा उत्तर व मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी हिस्से और प्रशांत महासागर क्षेत्र में भी यह पूर्ण रूप से देखा जा सकेगा। हालांकि अफ्रीका और यूरोप के अधिकांश हिस्सों में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
ग्रहण के बाद क्या करें?

- ग्रहण समाप्ति के तुरंत बाद स्नान करें
- घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें
- मूर्तियों का शुद्धिकरण करें
- अपनी क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें
- ताजा भोजन बनाकर ही ग्रहण करें
राशियों पर प्रभाव

अशुभ प्रभाव
मेष, वृष, कर्क, सिंह, कन्या, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह चन्द्रग्रहण अशुभ फलकारक माना गया है।
शुभ प्रभाव
मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के लिए यह ग्रहण शुभ फल देने वाला बताया गया है।
विशेष सावधानी
सिंह राशि एवं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र वाले व्यक्तियों के लिए यह ग्रहण अधिक अनिष्टकारी माना गया है। ऐसे व्यक्तियों को ग्रहणकाल में घर पर रहकर अपने इष्ट एवं गुरु मंत्र का जप करना चाहिए।






















