जमीनी विवाद में पीट-पीटकर की गई थी हत्या, अदालत ने सुनाया फैसला
सुल्तानपुर, संवाददाता : ढाई साल पहले हुए चर्चित डॉ. घनश्याम तिवारी हत्याकांड में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह मामला 23 सितंबर 2023 का है, जब जमीनी विवाद में डॉक्टर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। कोतवाली नगर के शास्त्री नगर मोहल्ले की निवासी निशा तिवारी ने अपने पति की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। उनके अनुसार, लंभुआ क्षेत्र के निवासी डॉ. घनश्याम तिवारी जयसिंहपुर के जासपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा चिकित्सक के रूप में तैनात थे।
आरोप है कि घटना वाले दिन नारायणनपुर निवासी जगदीश नारायण सिंह ने उन्हें अपने घर बुलाया, जहां जमीन से जुड़े पैसों के विवाद में जगदीश नारायण सिंह, उनके पुत्र अजय नारायण सिंह, भतीजे विजय नारायण सिंह और ड्राइवर दीपक सिंह ने उनकी बेरहमी से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में घर पहुंचने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। ट्रायल के दौरान आरोपी जगदीश नारायण सिंह और विजय नारायण सिंह की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अजय नारायण सिंह और दीपक सिंह के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे और वादिनी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने साक्ष्य और गवाह पेश किए। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपने तर्क अदालत के समक्ष रखे।
18 मार्च को अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया था। इसके बाद 24 मार्च को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष ने कड़ी सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने नरमी बरतने की अपील की। उभय पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे प्रथम की अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।
























