मुख्य सरगना फरार, पुलिस जांच में सामने आईं और बोगस कंपनियां
बरेली,संवाददाता : भुता पुलिस ने फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों रुपये के लेन-देन के मामले में बड़ा खुलासा किया है। सोमवार को 23 करोड़ 64 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जांच में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के दौरान दो और बोगस फर्मों का पता चला है, जिनके माध्यम से करीब 78.63 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। पुलिस के अनुसार, भुता थाना क्षेत्र के केसरपुर गांव निवासी जरी कारीगर शब्बू के नाम पर आरोपियों ने बैंक खाता खुलवाकर फर्जी फर्म बनाई थी। इस फर्म के जरिए एक साल में 23 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया गया। इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आने के बाद बैंक ने शब्बू को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस मामले में भुता पुलिस ने केसरपुर निवासी शाहिद और थाना बारादरी क्षेत्र के कांकरटोला निवासी अमित गुप्ता को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि हवाला की रकम को ठिकाने लगाने के लिए कई बोगस फर्मों का सहारा लिया गया और कागजों में इसे अलग-अलग कारोबार के रूप में दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता में ये कंपनियां अस्तित्व में ही नहीं थीं।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे खेल की शुरुआत कहां से और कैसे हुई, इसकी गहन जांच की जा रही है। जल्द ही मामले की सभी परतों से पर्दा उठाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, हवाला के इस नेटवर्क में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य सरगना नीटू फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। इसके अलावा, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की पूरी कड़ी का खुलासा किया जा सके।
























