फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के तार लखनऊ तक पहुंचे

लखनऊ,संवाददाता : दिल्ली समेत तमाम देश विरोधी आतंकी घटनाओं को लेकर जांच एजेंसियां, एटीएस, एसटीएफ व पुलिस सक्रिय है। फरार आतंकियों की तलाश में चार दर्जन टीमों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी यूपी के लखनऊ सहित अलग-अलग जिलों में जाल बिछा दिया है। टीमें फरार आतंकियों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। दिल्ली ब्लास्ट के बाद एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार सुबह लखनऊ में बड़ी छापेमारी की है। फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल को लेकर मड़ियांव के आइआइएम रोड पर चल रही है छापेमारी। लखनऊ पुलिस भी मौजूद है। आतंकी डॉ. मुजम्मिल की गर्लफ्रेंड लखनऊ की है। शाहीन को कल फरीदाबाद में गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली ब्लास्ट ने पुरानी घटनाओं को कर दिया ताज़ा

सोमवार शाम देश की राजधानी दिल्ली के लाल किला मैट्रो स्टेशन के पास कार में ऐसा धमाका हुआ कि दस लोगों के चिथड़े उड़ गए, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया। ऐसी घटनाओं से ख़ुफ़िया तंत्र की कमजोरी भी उजागर हुई है। ख़ुफ़िया सूचनाओं की कड़ियां जुड़ने की नौबत ही नहीं आ रही है। यही वजह है कि बीते कुछ सालों के भीतर देश व प्रदेश में आतंकी घटनाएं होने के बावजू सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के स्लीपिंग माड्यूल के बारे में अधिक जानकारियां नहीं जुटा पा रही है। देश की राजधानी दिल्ली में विस्फोट इसका ताजा उदाहरण है। पिछली घटनाओं की तफ्तीश के बाद सुरक्षा तंत्र लापरवाह हुआ और आतंकी नए सिरे से नेटवर्क बनाने में सफल रहे।
आतंकी डॉक्टर उमर का कटा हाथ मिला, सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए बम धमाके में दस लोगों की मौत हुई। घटना ने देशभर के लोगों को हिला कर रख दिया। एजेंसियों का मैसेज फरीदाबाद मॉड्यूल की ओर गया है। इस मॉड्यूल के एक डॉक्टर उमर नबी ही फिदायीन हमलावर बताया जा रहा है। उसका एक कटा हुआ हाथ बरामद हुआ है। पुलिस डीएनए जांच के जरिए इस दावे की पुष्टि करने पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पुलवामा से उमर की मां और भाईयों को हिरासत में लिया गया है।
आतंकी नए सिरे से नेटवर्क बनाने में सफल रहे

गुजरात एटीएस ने चीन में एमबीबीएस कर चुके डॉ अहमद मोहियुददीन, आजाद सुलेमान शेख, व लखीमपुर-खीरी निवासी सुहैल अहमद , डॉ मुजम्मिल अहमद, डॉ आदिल और लखनऊ निवासी महिला डॉक्टर शाहिन शाहिद सहित कईयों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ करने वाली थी कि इस गिरोह से जुड़ा आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर को शाय़द लगा कि अब बचेगा नहीं, लिहाजा योजना के तहत ऐसा घिनौनापन काम किया कि कई परिवारों का सहारा छीन गया। पुलिस को मौके से एक कटा हुआ हाथ मिला है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर भागते हुए देखा गया। इससे आंशका जताई जा रही है इस धमाके को अंजाम उसी ने दिया है। जानकार बताते हैं कि जांच एजेंसियां, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम फरार चल रहे आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर की तलाश में जुट गई है।
अधिकतर आतंकी डॉक्टर निकले
जल्द ही खूनी आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर सलाखों के पीछे होगा। ख़ास बात यह है कि इस आतंक की दुकान चलाने वाले आम आदमी नहीं बल्कि अधिकतर डॉक्टर का नाकाब लगाए हैं। गौर करें तो बटला हाउस कांड में सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी शहनवाज को पकड़ा तो वह भी डॉक्टर था।
पुरानी बड़ी घटनाओं पर एक नज़र
14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सीआरपीएफ के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमले चालीस जवानों की जान चली गई थी। 24 अप्रैल 2025 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों के सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया ।
























