सबूत न मिलने पर गार्ड और बिल्डिंग मालिक को मिली क्लीन चिट
इंदौर / शिलांग, संवाददाता : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से जुड़े बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। शिलांग पुलिस द्वारा सबूत नष्ट करने के संदेह में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जिन आधारों पर गिरफ्तारी की गई थी, वे जांच में टिक नहीं पाए।
जांच में नहीं मिले ठोस सबूत
जानकारी के अनुसार, हत्या के बाद सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह फ्लैट एक ब्रोकर के माध्यम से लिया गया था और कमरे का एग्रीमेंट विशाल चौहान के नाम पर किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान बिजली बिल, किराया अनुबंध सहित कई दस्तावेजों की पड़ताल की, लेकिन किसी भी तरह के ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
गार्ड और बिल्डिंग मालिक को मिली क्लीन चिट
इस मामले में बिल्डिंग के गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। हालांकि विस्तृत जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हत्या से उनका कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसके चलते दोनों को रिहा कर दिया गया।
एसपी ने दी जानकारी
शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिगम ने बताया कि प्रारंभिक परिस्थितियों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी, लेकिन बाद की जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका साबित नहीं हो सकी। इसी कारण उन्हें दोषमुक्त किया गया है।
हनीमून के दौरान हुई थी सनसनीखेज हत्या
गौरतलब है कि इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान निर्मम हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर सुपारी किलर की मदद से हत्या की साजिश रची और शव को वेई सावदोंग जलप्रपात के पास खाई में फेंक दिया।






















