आयकर, पूंजीगत लाभ और निर्यात नीतियों पर रहेंगे खास फोकस
नई दिल्ली,संवाददाता : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 पेश करने की तैयारियों में जुटी हैं। बजट भाषण में अब केवल दो दिन शेष हैं और यह रविवार, 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। ऐसे में निवेशकों, उद्योग जगत और बाजार विशेषज्ञों की निगाहें वित्त वर्ष 2027 के लिए होने वाले क्षेत्रीय आवंटन, आयकर नीति, निर्यात प्रतिस्पर्धा और विदेशी व्यापार विविधीकरण से जुड़े उपायों पर टिकी हुई हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 ने बजट के लिए पृष्ठभूमि तैयार कर दी है। सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है, जबकि संभावित वृद्धि दर लगभग 7 प्रतिशत आंकी गई है।
बजट के दिन खुले रहेंगे शेयर बाजार
बजट के दिन शेयर बाजारों में कारोबार सामान्य रूप से जारी रहेगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों अपने निर्धारित समय पर खुले रहेंगे और नियमित कारोबार होगा।
बाजार की अपेक्षाएं सीमित
इस वर्ष बाजार प्रतिभागी बजट को लेकर बहुत अधिक अपेक्षाएं नहीं जता रहे हैं। निवेशकों की मुख्य मांग पूंजीगत लाभ कर में संभावित राहत को लेकर है। इसके साथ ही सरकार से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि लेनदेन करों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी न की जाए, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और निवेशकों का भरोसा कायम रहे। कुल मिलाकर, बजट 2026 से आर्थिक स्थिरता बनाए रखने, विकास की रफ्तार को मजबूत करने और निवेश अनुकूल माहौल तैयार करने की उम्मीद की जा रही है।
























