सिपाही सुनील ने मुख्यमंत्री से मांगी सुरक्षा, देर रात घर पहुंची पुलिस पर उठे सवाल
लखनऊ,संवाददाता : सुनील शुक्ला के वायरल वीडियो ने उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कुछ आईपीएस अधिकारियों पर कथित वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद सिपाही ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। अमेठी निवासी सुनील शुक्ला ने वीडियो में आरोप लगाया कि विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी कथित तौर पर अवैध वसूली में शामिल हैं। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है, वे स्वयं इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं।
वीडियो में सिपाही भावुक नजर आए और कहा कि वह कोई अपराधी, आतंकवादी या नक्सलवादी नहीं हैं, बल्कि एक सामान्य परिवार से आते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है और उनकी पत्नी भी पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, इसके बावजूद उन्हें न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मामला उस समय और अधिक संवेदनशील हो गया जब सुनील शुक्ला ने अपने तीसरे वीडियो में आरोप लगाया कि देर रात पुलिस उनके घर पहुंची, जहां उस समय उनकी मां और बहन अकेली थीं। सिपाही के अनुसार, इस घटना के बाद उनका परिवार भयभीत है।
हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कोई छापेमारी नहीं थी, बल्कि आधिकारिक नोटिस देने की प्रक्रिया थी। इसके बावजूद विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहा है तो उसकी निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। सुनील शुक्ला ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और सच बोलने की वजह से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति और पुलिस प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।






















