“हमारा आंगन–हमारे बच्चे” कार्यक्रम में निपुण बच्चों और अभिभावकों का सम्मान

अमेठी, संवाददाता : ब्लॉक संसाधन केंद्र भादर परिसर में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से “हमारा आंगन–हमारे बच्चे” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित बाल वाटिका कार्यक्रम पर विस्तार से संवाद हुआ। बाल वाटिका को बच्चों की पहली कक्षा के रूप में विकसित करते हुए नौनिहालों को आनंदमयी एवं खेल-खेल में शिक्षा देने का संदेश दिया गया।
निपुण बच्चों और अभिभावकों का सम्मान
खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार यादव ने तीस निपुण बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित किया। बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भी प्रदान की गई। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और अभिभावक स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते नजर आए। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव भारती, एआरपी चिंतामणि उपाध्याय एवं एआरपी राजेन्द्र कुमार ने स्टेशनरी वितरण एवं संवाद कार्यक्रम में सहयोग किया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आह्वान किया।
बाल वाटिका: आनंदमयी शिक्षा की पहली सीढ़ी
खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना मूलतः बच्चों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के उद्देश्य से की गई थी। अब सरकार ने इन उद्देश्यों का विस्तार करते हुए प्राइवेट स्कूलों की नर्सरी कक्षाओं के समकक्ष बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका की स्थापना की है।
उन्होंने बताया कि बच्चों को कक्षा एक के लिए तैयार करने हेतु ईसीसी एजूकेटर की नियुक्ति की गई है तथा आवश्यक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री और ईसीसी एजूकेटर मिलकर बाल वाटिका को प्रभावी ढंग से संचालित करें और निपुण लक्ष्य अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भयमुक्त वातावरण कायम है। कार्यक्रम ऐसे हों कि बच्चे अगले दिन दोगुने उत्साह से विद्यालय आएं। वंडर बॉक्स एवं अन्य शैक्षिक सामग्री का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मजबूत नींव ही सफलता की कुंजी
एआरपी चिंतामणि उपाध्याय ने कहा कि खेल-खेल में और रुचिपूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार करना ही बाल वाटिका का मुख्य उद्देश्य है। बच्चों की नींव मजबूत होगी तभी वे आगे की कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे। एआरपी राजेन्द्र कुमार ने ईसीसी एजूकेटर के दायित्वों की जानकारी देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी और ईसीसी एजूकेटर मिलकर बच्चों को आनंदमयी शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान, जायस में आयोजित शैक्षिक भ्रमण के अनुभव भी साझा किए। कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने कहा कि बच्चों को आनंदमयी शिक्षा का माहौल देना ही “हमारा आंगन–हमारे बच्चे” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां
कार्यक्रम का संचालन संकुल शिक्षक उमेश त्रिपाठी ने किया। कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम की छात्राओं ने सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनका मार्गदर्शन मीना मंच की सुगमकर्ता लालती देवी ने किया।
शिक्षा गीत से दिया भविष्य संवारने का संदेश
आंगनबाड़ी कार्यकत्री कलावती ने कहा कि गांव के बच्चों की नींव पहले कमजोर रही है, इसलिए सरकार विशेष जोर दे रही है। शिक्षा गीत के माध्यम से नौनिहालों का भविष्य संवारने का संदेश दिया गया। ईसीसी एजूकेटर स्वाति द्विवेदी और अर्चित ओझा ने भी अपने अनुभव साझा किए।
सम्मान पाकर खिले बच्चों के चेहरे
कार्यक्रम में निपुण बच्चों और उनके अभिभावकों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक फोटो खिंचवाई। इस अवसर पर विजय प्रताप यादव, शिव करन गुप्ता, स्नेहा शुक्ल, प्रतिभा ओझा, कौशलेंद्र सिंह, आशा देवी के साथ ब्लॉक संसाधन केंद्र की ओर से दिनेश यादव, सलिल मिश्र, सतीश शर्मा, अनिल यादव, राम जतन, दीक्षा सिंह, रंजना, अनुपम सिंह, नलिनी गुप्ता, परमिला गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

























