फर्जी प्रमाण पत्र प्रकरण: ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर हाईकोर्ट की रोक
सुलतानपुर, संवाददाता : फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने सहित अन्य आरोपों से जुड़े मामले में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी के खिलाफ पूर्व में जारी कार्रवाई को निरस्त किए जाने की अर्जी पर सोमवार को अदालत में बहस पूरी हो गई। चंद्रमा देवी की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर परिवादी की तरफ से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के कारण सुनवाई टल गई।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) भाव्या श्रीवास्तव की अदालत ने कार्रवाई निरस्तीकरण से जुड़ी अर्जी पर आदेश तथा जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 4 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। उधर, सह-आरोपी लल्लू सोनी समेत अन्य की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित मामले की कार्यवाही पर छह सप्ताह तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर अपने अधिवक्ता के माध्यम से ट्रायल कोर्ट में उन्मोचन (डिस्चार्ज) अर्जी दाखिल करने तथा संबंधित मजिस्ट्रेट को चार सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मामले से संबंधित पूरक पत्रावली भी सुनवाई के समय प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
प्रकरण के अनुसार, अमेठी कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी परिवादी घनश्याम सोनी उर्फ पप्पू ने तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी एवं कस्बे के ही रहने वाले लल्लू प्रसाद सोनी, उनके भाई लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी तथा संगम लाल सोनी के खिलाफ नगर पंचायत से फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर अनुचित लाभ प्राप्त करने सहित अन्य आरोप लगाए हैं। यह मामला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित है।
पूर्व में अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें फरार घोषित करने की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई से राहत पाने के लिए चंद्रमा देवी की ओर से हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दाखिल की गई थी, जिसे 16 जनवरी को निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट ने 10 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में कार्रवाई निरस्तीकरण की अर्जी दाखिल करने तथा दो सप्ताह में उस पर निर्णय करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में चंद्रमा देवी की ओर से मजिस्ट्रेट कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से कार्रवाई निरस्तीकरण, जमानत अर्जी और बेलबॉन्ड दाखिल करने की अनुमति हेतु आवेदन किया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान उनके व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने के कारण अदालत ने नियत तिथि पर उपस्थित होकर अर्जी पर बल देने का आदेश दिया था। सोमवार को चंद्रमा देवी के अधिवक्ता ने कार्रवाई निरस्त करने की अर्जी पर बहस की, जबकि परिवादी की ओर से अर्जी की प्रति और आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के चलते जमानत अर्जी पर सुनवाई स्थगित कर दी गई। जमानत पर अगली सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि तय की गई है।






















