दान, स्नान और जप से मिलेगा विशेष पुण्य, पुष्य नक्षत्र रहेगा प्रभाव
- तिथि : माघ शुक्ल पूर्णिमा (रात्रि 3:46 बजे तक, तत्पश्चात प्रतिपदा)
- दिन : रविवार
- विक्रम संवत : 2082
- शक संवत : 1947
- अयन : उत्तरायण
- ऋतु : शिशिर
- मास : माघ
- नक्षत्र : पुष्य (रात्रि 12:14 बजे तक), तत्पश्चात अश्लेषा
- योग : प्रीति (प्रातः 10:28 बजे तक), तत्पश्चात आयुष्मान
- राहुकाल : सायं 4:30 से 6:00 बजे तक
- सूर्योदय : प्रातः 6:34 बजे
- सूर्यास्त : सायं 5:26 बजे
- दिशाशूल : पश्चिम
विशेष योग व धार्मिक महत्व
आज सूर्योदय से रात्रि तक रविपुष्यामृत योग बना हुआ है। शास्त्रों में पुष्य नक्षत्र को सर्वसिद्धिकर माना गया है। इस योग में किया गया जप, तप, दान और ध्यान विशेष फल प्रदान करता है। हालांकि, पुष्य नक्षत्र में विवाह एवं उससे संबंधित मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।
गुरु उपासना का विधान
पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। आज के दिन 108 मोतियों की माला से गुरु मंत्र का जप करने से नक्षत्र देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
मंत्र — ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः
माघी पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान, दान, श्राद्ध तथा विष्णु पूजन से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
तिल, वस्त्र, कंबल, अन्न, जूते आदि का दान स्वर्गलोक की प्राप्ति का कारण माना गया है। मत्स्य पुराण में इस दिन दान को अत्यंत फलदायी बताया गया है।
राशि अनुसार विशेष उपाय
मेष (Aries)
आज भगवान विष्णु एवं भगवान शिव की पूजा कर मसूर दाल अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होगा और रुके हुए कार्यों में गति आएगी। साहस और आत्मबल में वृद्धि होगी।
वृषभ (Taurus)
पीपल वृक्ष को मीठा दूध अर्पित कर सरसों तेल के पांच दीपक जलाने से धन-धान्य में वृद्धि होगी। पारिवारिक सुख और स्थिरता प्राप्त होगी।
मिथुन (Gemini)
भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं तथा स्नान जल में दूर्वा डालें। इससे बुद्धि, वाणी और निर्णय क्षमता मजबूत होगी। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा।
कर्क (Cancer)
कच्चे दूध और शहद से शिवलिंग का अभिषेक करने से भावनात्मक संतुलन बनेगा। पारिवारिक कलह समाप्त होगी और मन को शांति मिलेगी।
सिंह (Leo)
जरूरतमंदों को भोजन दान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इससे मान-सम्मान बढ़ेगा, सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी और आत्मविश्वास मजबूत होगा।
कन्या (Virgo)
सात कन्याओं को मखाने की खीर वितरित करें। आर्थिक समस्याओं में राहत मिलेगी और नौकरी व व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे।
तुला (Libra)
ब्राह्मण या जरूरतमंद को चावल और घी का दान करें। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी।
वृश्चिक (Scorpio)
हनुमान मंदिर में मसूर दाल, गुड़ और लाल चंदन का दान करें। शत्रु बाधा समाप्त होगी और साहस एवं ऊर्जा में वृद्धि होगी।
धनु (Sagittarius)
भगवान विष्णु को पीले पुष्प और पीली मिठाई अर्पित करें। भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक तथा शैक्षणिक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
मकर (Capricorn)
जरूरतमंदों को भोजन के साथ तिल या सरसों का दान करें। कर्मक्षेत्र में स्थिरता आएगी और पुराने दोषों से मुक्ति मिलेगी।
कुंभ (Aquarius)
हनुमान मंदिर में लाल रंग की त्रिकोणीय ध्वजा अर्पित करें। कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और योजनाएं सफल होंगी।
मीन (Pisces)
पीले फलों का दान करें और पीपल वृक्ष की पूजा करें। धन, ऐश्वर्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होगी।
1 फरवरी को जन्मे व्यक्तियों के लिए विशेष
स्वभाव और व्यक्तित्व
मूलांक 1 के जातक सूर्य ग्रह से संचालित होते हैं। इनमें नेतृत्व क्षमता जन्मजात होती है। ये आत्मविश्वासी, महत्वाकांक्षी, स्वाभिमानी और साहसी होते हैं। किसी के अधीन काम करना इन्हें पसंद नहीं होता।
करियर और व्यवसाय
वर्ष 2026 करियर के लिए अत्यंत शुभ सिद्ध होगा। पदोन्नति के योग हैं। प्रशासन, राजनीति, प्रबंधन, रक्षा सेवाओं और व्यवसाय में विशेष सफलता मिलेगी। बेरोजगारों को रोजगार मिलने की प्रबल संभावना है।
आर्थिक स्थिति
आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने निवेश लाभ देंगे, हालांकि अहंकार के कारण अनावश्यक खर्च से बचना आवश्यक है।
स्वास्थ्य
सामान्यतः स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सूर्य से संबंधित समस्याओं (नेत्र, रक्तचाप) को लेकर सतर्कता रखें। नियमित सूर्य नमस्कार लाभकारी रहेगा।
पारिवारिक और वैवाहिक जीवन
परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के शुभ योग बन रहे हैं। दांपत्य जीवन में तालमेल बनाए रखना आवश्यक होगा।
शुभ तत्व
- शुभ रंग — लाल, केसरिया, क्रीम
- शुभ अंक — 1, 10, 19, 28
- ईष्ट देव — सूर्य देव, मां गायत्री
उपाय
प्रतिदिन प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें और गायत्री मंत्र का जाप करें। इससे जीवन में स्थिरता और तेज की वृद्धि होगी।
























