कहा – न्याय केवल नियमों का नहीं, नीयत का भी विषय है
लखनऊ,संवाददाता : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूजीसी (UGC) के नए कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फिलहाल रोक लगाने के फैसले की काफी सराहना की है। उन्होंने कहा कि सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं करता, और यही न्यायालय की भूमिका है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, “कानून की भाषा साफ होनी चाहिए और भाव भी। बात केवल नियमों की नहीं, नीयत की भी होती है। न किसी का उत्पीड़न होना चाहिए, न किसी के साथ अन्याय या जुल्म-ज्यादती होनी चाहिए।”
कानून और संविधान के बीच संतुलन जरूरी
सपा प्रमुख ने कहा कि देश में संविधान और तमाम कानून मौजूद हैं, बावजूद इसके समय-समय पर भेदभाव और अन्याय होते रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी मामले में दोषी न बचें और निर्दोष के साथ अन्याय न हो। अखिलेश यादव ने 2012 के यूजीसी रेगुलेशन का भी जिक्र किया और कहा कि तब क्या कमी रह गई थी, विश्वविद्यालयों में क्या व्यवहार हुआ था, और उससे क्या सबक मिला। उन्होंने कहा, “संविधान कहता है कि कहीं भी भेदभाव नहीं होना चाहिए।”
























