अमेठी के लाल अधिवक्ता वृजेश कुमार सिंह अग्रिम पंक्ति में रहे शामिल

लखनऊ, संवाददाता : लखनऊ की धरती एक बार फिर लोकतांत्रिक संघर्ष की आवाज़ से गूंज उठी, जब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के कथित छात्र-विरोधी प्रावधानों के खिलाफ युवाओं ने जोरदार लेकिन पूर्णतः शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश कार्यालय घेराव कार्यक्रम के दौरान अमेठी के लाल, अधिवक्ता वृजेश कुमार सिंह को उनके कई साथियों सहित पुलिस प्रशासन ने हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह विरोध केवल किसी प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य, समान अवसर और शिक्षा में निष्पक्षता की रक्षा का संघर्ष है। युवाओं का आरोप है कि UGC के वर्तमान प्रावधान मेहनतकश और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के सपनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
हिरासत में लिए जाने से पहले अधिवक्ता वृजेश कुमार सिंह ने कहा— “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यदि युवाओं के भविष्य की चिंता जताना अपराध है, तो यह आवाज़ और बुलंद होगी। हम किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा में समान अवसर और न्याय के पक्ष में खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा— “सत्ता हमें रोक सकती है, लेकिन छात्रों के हक की लड़ाई रुकने वाली नहीं है। #RollbackUGC केवल नारा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की मांग है।”
अधिवक्ता वृजेश कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि— “आज की हिरासत इस संघर्ष को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करेगी। देश का युवा जाग चुका है। यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।” प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपील की है कि छात्रों और युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाए तथा UGC के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए। आंदोलनकारियों ने दोहराया कि उनका संघर्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर युवाओं के हितों की रक्षा तक जारी रहेगा।
























