आवास विकास की गलती का खामियाजा भुगत रहे लोग
लखनऊ,संवाददाता : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हजार रुपये जमा कर आठ वर्ष पहले पंजीकरण कराने वाला दंपति शुक्रवार को उस समय हैरान रह गया, जब आवास विकास कार्यालय पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि निरस्तीकरण का पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजा जा चुका है और पंजीकरण धनराशि की आधी रकम वापस करने की बात कही गई।
मल्लापुर हाता, 10 राणा प्रताप मार्ग निवासी रंजना देवी अपने पति नीरज कुमार के साथ आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना स्थित संपत्ति कार्यालय आवास की स्थिति जानने पहुंची थीं। रंजना देवी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत पंजीकरण कराया था और इसके लिए 25,000 रुपये शुल्क भी जमा किया था। इसके बाद कई बार कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें कभी भी आवंटन की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
शुक्रवार को कार्यालय में बाबू और संपत्ति प्रबंधक ने बताया कि 28 जनवरी से 2 फरवरी 2019 के बीच पात्रता चयन में उनका चयन हुआ था। इसके बाद 1 से 5 नवंबर 2020 के बीच हुए नम्बरिंग ड्रा में उन्हें फ्लैट संख्या 7 ए/बी 13/एफ 21 आवंटित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, 25 मई 2023 को फ्लैट का आवंटन पत्र भेजा गया था। निर्धारित समय तक कोई धनराशि जमा न होने पर 1 जुलाई 2024 को आवंटन निरस्त कर दिया गया और इसका पत्र पुरवा, उन्नाव के पते पर भेजा गया। रंजना देवी का कहना है कि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ। जब उन्होंने संपत्ति कार्यालय में डाक की रिसीविंग दिखाने को कहा तो वह भी नहीं दिखाई गई। वहीं, नीरज कुमार ने सवाल उठाया कि जब आवेदन में लखनऊ का पता दर्ज था, तो फिर आवंटन निरस्तीकरण का पत्र उन्नाव के पते पर कैसे भेज दिया गया।























