केजीएमयू में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण और सीओपीडी पर जताई चिंता
लखनऊ,संवाददाता : चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप की ओर से स्वच्छ वायु के अधिकार विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन केजीएमयू के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के सेमिनार हॉल में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह के जागरूकता सत्रों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि आमजन को स्वच्छ वायु के महत्व और उससे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। केजीएमयू के रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शिक्षा और नीतिगत उपायों के माध्यम से सकारात्मक और प्रभावी बदलाव लाने की आवश्यकता है।
पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि वर्तमान समय में सीओपीडी के अधिकांश मरीज गैर-धूम्रपान करने वाले हैं। कई अध्ययनों में इसका सीधा संबंध वायु प्रदूषण और खराब वायु गुणवत्ता से पाया गया है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।























