23 जनवरी को बनेंगे बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण, रूचक, गजकेसरी राजयोग और शिव योग

आचार्य पं. जय गोविंद तिवारी, अमेठी : इस बार वसंत पंचमी का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष होने जा रहा है। एक नहीं बल्कि पांच शुभ राजयोगों के महासंयोग के कारण यह पर्व बेहद फलदायी माना जा रहा है। 23 जनवरी को मनाई जाने वाली वसंत पंचमी पर बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण, रूचक, गजकेसरी राजयोग के साथ-साथ शिव योग का भी निर्माण हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस समय मकर राशि में एक साथ बुध, शुक्र, सूर्य और मंगल ग्रह गोचर कर रहे हैं। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग, वहीं शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहा है। मंगल के अपनी उच्च राशि मकर में होने से रूचक राजयोग का निर्माण हो रहा है।

इसी दिन चंद्रमा मीन राशि में और गुरु मिथुन राशि में गोचर करेंगे। दोनों ग्रह एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित होकर गजकेसरी राजयोग बनाएंगे। इसके साथ ही वसंत पंचमी के दिन शिव योग का भी शुभ संयोग रहेगा, जो इसे और अधिक विशेष बनाता है। वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, कला, संगीत और शिक्षा की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इस दिन मां सरस्वती और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष विधान है। विद्यार्थी, कलाकार और विद्वान इस दिन विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। ज्योतिषाचार्य आचार्य पं. जय गोविंद तिवारी के अनुसार, ग्रहों के इस दुर्लभ संयोग के कारण वसंत पंचमी पर किया गया पूजन, अध्ययन आरंभ और रचनात्मक कार्य अत्यंत शुभ फल प्रदान करने वाला होगा।
























