शाही स्नान की परंपरा में विघ्न और मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ को लेकर सपा प्रमुख ने उठाए सवाल
लखनऊ,संवाददाता : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को अक्षम्य बताते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी शाही स्नान की सदियों पुरानी सनातनी परंपरा में विघ्न डाला गया है, जो अत्यंत निंदनीय है।
रविवार को जारी बयान में सपा प्रमुख ने कहा कि सवाल यह है कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों हो रही हैं। मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई नई परंपरा नहीं है, इसके बावजूद व्यवस्था बिगड़ना भाजपा के कुशासन और नाकाम प्रशासन को दर्शाता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि “मुख्य को हर जगह ‘मुख्य’ बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि अहंकारी भाजपाई शासन-प्रशासन अपने से बड़े किसी को नहीं मानता। यदि प्रदेश के गृह सचिव मनमानी कर रहे हैं तो यह भी गलत है और यदि वे किसी के निर्देश पर ऐसा कर रहे हैं तो यह और भी गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मणिकर्णिका घाट को लेकर विरोधाभासी बयान
काशी में कॉरिडोर निर्माण के नाम पर मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि ‘मुख्य’ कह रहे हैं कि “कुछ नहीं हुआ”, जबकि दूसरी ओर ‘अपर’ बिना आंख मिलाए गोलमोल और टालमटोल जवाब दे रहे हैं कि “कुछ था”। उन्होंने कहा कि झूठ की सबसे बड़ी समस्या यही है कि उसके कई रूप हो सकते हैं।
सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाई शासन-प्रशासन को चाहिए कि वह पहले आपस में बैठकर यह तय कर ले कि सच छुपाने के लिए कौन-सा झूठ बोलना है, नहीं तो दो-बयानी से झूठ की कलई खुल जाती है और जनता के बीच उनकी खिल्ली उड़ती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि झूठ बोलने के लिए भाजपा शासन-प्रशासन एक व्हाट्सएप ग्रुप ही बना ले।
























