15–16 जनवरी 2026 को दुर्लभ योग, दान–पूजन से मिलेगा पुण्य व कर्ज मुक्ति
डॉ उमाशंकर मिश्रा,लखनऊ : हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार 15 जनवरी 2026, गुरुवार को माघ मास कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसी के साथ उत्तरायण, शिशिर ऋतु एवं मकर संक्रांति का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह दिन दान, पुण्य और शिव आराधना के लिए विशेष फलदायी है।
पंचांग के प्रमुख तथ्य
- दिनांक: 15 जनवरी 2026, गुरुवार
- तिथि: द्वादशी (रात्रि 08:09 तक), तत्पश्चात त्रयोदशी
- नक्षत्र: ज्येष्ठा (16 जनवरी प्रातः 6:04 तक)
- योग: वृद्धि (रात्रि 9:21 तक)
- राहुकाल: दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
- सूर्योदय: 6:42 बजे | सूर्यास्त: 5:18 बजे
- दिशाशूल: दक्षिण दिशा
16 जनवरी को प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि का संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा से कर्ज मुक्ति, आर्थिक स्थिरता और भाग्योदय का मार्ग प्रशस्त होता है।
प्रदोष व्रत की विधि
- प्रातः स्नान कर शिव–पार्वती–नंदी का पंचामृत से अभिषेक
- बेलपत्र, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पण
- संध्या समय पुनः पूजन व शिव आरती
- आठ दिशाओं में आठ दीपक प्रज्वलित करें
कर्ज मुक्ति हेतु 17 शिव मंत्र
मासिक शिवरात्रि पर शिव मंदिर में दीप प्रज्वलित कर 17 पावन शिव मंत्रों का जप करने से ऋण व आर्थिक बाधाओं से राहत मिलती है।
(ॐ शिवाय नमः से ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नमः तक)
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मकर संक्रांति पर किया गया दान हजार गुना फल देता है।
दान योग्य वस्तुएं
- तिल–गुड़, खिचड़ी
- अनाज, फल, सब्जियां
- धन, गर्म वस्त्र
- तांबे एवं मिट्टी के बर्तन
राशि अनुसार दान (संक्षेप)
- मेष: लाल वस्त्र, गुड़
- वृषभ: सफेद वस्त्र, तिल
- मिथुन: हरे वस्त्र, मूंग दाल
- कर्क: चावल, चांदी
- सिंह: गेहूं, तांबा
- कन्या: हरी दाल, स्टेशनरी
- तुला: इत्र, मिठाई
- वृश्चिक: काले तिल, कंबल
- धनु: पीले वस्त्र, हल्दी
- मकर: काले तिल, कंबल
- कुंभ: नीले वस्त्र, लोहा
- मीन: पीले वस्त्र, केले
विशेष धार्मिक मान्यता
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, सूर्य को अर्घ्य एवं शिव पूजन करने से जीवन में सुख–समृद्धि, स्वास्थ्य और धन लाभ की प्राप्ति होती है।
























