मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री बंद, विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी

प्रयागराज,संवाददाता : माघ मेला के द्वितीय और तृतीय मुख्य स्नान पर्व मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक यातायात प्रबंधन और डायवर्जन योजना लागू की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र को पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। प्रशासन के अनुसार 13 जनवरी की रात 8 बजे से 19 जनवरी की रात 12 बजे तक प्रशासनिक और चिकित्सकीय वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों का मेला क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान अक्षयवट दर्शन भी बंद रहेगा। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी भीड़ बनी रहती है, तो प्रतिबंध को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
दोनों प्रमुख स्नान पर्वों को देखते हुए मंगलवार रात से ही वाहनों को मेला क्षेत्र की ओर जाने से रोक दिया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों, पैदल मार्गों का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।
शहर, कानपुर और लखनऊ मार्ग से आने वाले श्रद्धालु
प्रयागराज शहर एवं कानपुर-लखनऊ मार्ग से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन प्लॉट नंबर-17, गल्ला मंडी और नागवासुकि पार्किंग में खड़े करेंगे। यहां से पैदल मार्गों के माध्यम से संगम घाट, हनुमान घाट, रामघाट, मोरी घाट, शिवाला घाट और नागवासुकि घाट पर स्नान कर सकेंगे।
जौनपुर और वाराणसी मार्ग से आने वाले श्रद्धालु
जौनपुर-वाराणसी मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ओल्ड जीटी कछार, महुआबाग और सोहम आश्रम पार्किंग निर्धारित की गई है। यहां से पैदल मार्गों और पांटून पुलों के जरिए संगम मोरी घाट, ऐरावत घाट और अन्य संगम स्नान घाटों तक पहुंचने की सुविधा रहेगी।
मिर्जापुर-रीवा मार्ग से आने वाले स्नानार्थी
मिर्जापुर-रीवा की ओर से आने वाले श्रद्धालु देवरख कछार, गंजिया और नव प्रयागम पार्किंग में वाहन खड़े करेंगे। यहां से पैदल मार्गों द्वारा सोमेश्वर महादेव घाट, अरैल घाट, चक्रमाधव घाट सहित अन्य संगम स्नान घाटों तक पहुंच सकेंगे।

पांटून पुलों पर रहेगा वन-वे ट्रैफिक
मेला क्षेत्र के पांटून पुलों पर एकल मार्ग (वन-वे) यातायात व्यवस्था लागू रहेगी।
- परेड से झूसी जाने के लिए: पांटून पुल संख्या 3, 5 और 7
- झूसी से परेड आने के लिए: पांटून पुल संख्या 4 और 6
- पांटून पुल संख्या 1 और 2 आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
























